बरेली। सुभाषनगर में आत्महत्या से पहले कत्था फैक्टरी कर्मचारी विनयदीप उर्फ अंशु ने अपने मोबाइल फोन से जो वीडियो बनाया था, उसे विवेचक एक महीने बाद भी देख नहीं सका। फोन परिजनों को लौटाया गया तो भेद खुला। अंशु के भाई ने बुधवार को एडीजी से शिकायत की है। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
बीडीए कॉलोनी करगैना निवासी विशाल ने बताया कि उनके भाई विनयदीप का पत्नी लक्ष्मी से विवाद चल रहा था। लक्ष्मी नौ माह से अपने बेटे के साथ मायके करमपुर चौधरी में थी। विनय जब उसे बुलाने ससुराल गए तो ससुरालियों ने उनको पीटा। 19 जनवरी की रात वह अपने कमरे में सोने चले गए। व्हाट्सएप कॉल पर पत्नी से विवाद के बाद विनय ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस को उसकी जेब से मोबाइल फोन और सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में विनय ने पत्नी लक्ष्मी, सास सोमवती, साले सचिन, उसकी पत्नी लता और ससुर दानवीर को मौत का जिम्मेदार ठहराया। सुभाषनगर पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
अंशु का मोबाइल फोन विवेचक के पास ही था, लेकिन इसकी जांच ही नहीं की गई। विशाल का आरोप है कि जब भी वह कार्रवाई के बारे में पूछने के लिए कॉल करते थे तो विवेचक उन्हीं को हड़काते थे। अब जब विवेचक से भाई का फोन लिया तो उसमें मौजूद वीडियो में भी उन्होंने सुसाइड नोट वाली बात दोहराई गई है।