भोजीपुरा। जटौआ गांव में दूसरे समुदाय के लोगों ने कछला घाट से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का रास्ता रोक दिया। गुस्साए कांवड़ियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद आक्रोशित कांवड़िये शांत हुए। समझौते के बाद कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया।
जटौआ गांव के ग्रामीण बीते दिनों गंगाजल लेने के लिए कछला घाट गए थे। सोमवार को उन्हें लौटना पड़ा। जलाभिषेक करने जाने के दौरान कांवड़ियों को दूसरे समुदाय के इबादतगाह के सामने से गुजरना था। इसको लेकर वह लोग विरोध कर रहे थे। सुबह पांच बजे जैसे ही कांवड़िये गांव पहुंचे दूसरे समुदाय ने विरोध शुरू कर दिया। विवाद की आशंका से पहले ही गांव में पुलिस मौजूद थी।
कांवड़िये इबादत स्थल के सामने से ही जाने की जिद पर अड़े थे। वहीं, दूसरे समुदाय के लोग विरोध कर रहे थे। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। दोनों पक्ष के जिम्मेदार लोगों के बीच बैठक कराकर पुलिस ने तय कराया कि दोनों समुदाय के लोग अपनी-अपनी बस्ती में ही त्योहार मनाएंगें। समझौते पर दोनों पक्ष सहमत हो गए। लिखित समझौते के बाद करीब तीन बजे कांवड़िये समसपुर गांव के शिवालय पहुंचे। इसके बाद जटौआ गांव के शिवालय पर जलाभिषेक किया गया। प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा नीरज मलिक ने बताया कि गांव में अब कोई विवाद नहीं है।