बरेली। ईद मिलादुन्नबी पर निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी के लिए डीजे को बैन कर दिया गया है। अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल की ओर से आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की कयादत में 28 सितंबर को जुलूस निकाला जाएगा।
कोहाड़ापीर स्थित एक हाल में मंगलवार को जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों के सदर और सचिव की बैठक हुई। इसमें जुलूस कमेटी के सदर सैयद आसिफ मियां व सचिव शान अहमद रजा ने उनको दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जुलूस का मंच घंटाघर में सजेगा। बैठक में मुफ्ती कफील रजवी, मुफ्ती सलीम नूरी, हाजी उवैस खान, हाजी शावेज हाशमी, शम्मू खान, अफजाल बेग, हाफिज मुशाहिद रजा, हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी, परवेज नूरी, हाजी अब्बास नूरी पिल्लू भाई शामिल रहे।
डीजे और गाना न बजाएं, मजहबी झंडे के साथ तिरंगा भी लगाएं
बरेली। जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे और गाना बजाना प्रतिबंधित रहेगा। आला हजरत दरगाह स्थित ग्रांड मुफ्ती हाउस में हुई ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की बैठक में अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि शरीअत ने नाच-गाना, ढोल-तमाशा व डीजे आदि के इस्तेमाल को नाजायज व हराम करार दिया है। दीन और कौम के उत्थान के लिए जिनकी जेब से पांच रुपये नहीं निकलते, वही लोग धार्मिक कार्यक्रमों में डेढ़ लाख रुपये देकर डीजे बुक कराते हैं। उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी पर घरों पर मजहबी झंडे के साथ तिरंगा भी लगाएं। बैठक में हाफिज नूर अहमद अजहरी, मुफ्ती हाशीम रजा खां, मौलाना अबसार अहमद, हाफिज अब्दुल वाहिद, मौलाना आजाद, हाजी नाजिम बेग, तहसीन खां, जरीब गद्दी, अधिवक्ता इकबाल अंसारी आदि उपस्थित रहे। संवाद
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स्वागत में पुराना शहर तैयार
बरेली। ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर पुराना शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी बुधवार को निकाला जाना है, जिसके स्वागत के लिए पुराना शहर तैयार हो चुका है। जुलूस के हर रास्ते पर शानदार सजावट की गई है।
यह जुलूस मुन्ना खान के नाम से शाम 4:00 बजे निकाला जाएगा। मीरा की पैठ, बुखारपुरा, जवाहर इंटर कॉलेज से जगतपुर में हाफिज मियां की मजार से मुड़कर कांकर टोला से शाहदाना चौराहा, आजाद इंटर कॉलेज से सैलानी होता हुआ मुन्ना खान की नीम पहुंचकर संपन्न होगा। आयोजक कमेटी के मीडिया प्रभारी तारिक सईद ने बताया कि जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों को पुरस्कार देने के लिए निर्णायक मंडल भी बनाया गया है। इसमें मास्टर तौकीर सिद्दीकी, अजीम यार खान, मोहसिन आलम, मिर्जा मुकर्रम बेग, अख्तर हुसैन शामिल हैं।