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पुराने शहर के जुलूस-ए-मोहम्मदी में झूम कर निकले नबी के दीवाने

सार

ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर रिमझिम बारिश के बीच पुराना शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया।इसके बाद हस्सान मियां ने कमर चिश्ती को परचम सौंप कर जुलूस रवाना किया।सौ से अधिक अंजुमनों के साथ जुलूस निर्धारित रास्तों से होता हुआ दुरूदों-सलाम, नात शरीफ पढ़ते हुए आगे बढ़ता रहा।
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बरेली। ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर रिमझिम बारिश के बीच पुराना शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। नबी के दीवाने सजधज कर अपनी अंजुमनों के साथ जुलूस में शामिल हुए। जुलूस पर रास्ते में कई जगह लोगों ने फूल बरसाए।
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अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन कमेटी की ओर से यह जुलूस दरगाह तहसीनिया के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खां की कयादत में निकाला गया। इससे पूर्व मुन्ना खां के नीम के पास बने मंच पर मौलाना यासर अत्तारी ने तिलावते कुराने पाक और मौलाना शावेज ने नात शरीफ का नजराना पेश किया। इसके बाद हस्सान मियां ने कमर चिश्ती को परचम सौंप कर जुलूस रवाना किया। इसी के साथ फिजा में पैगंबरे इस्लाम की शान में पत्ती पत्ती फूल फूल... या रसूल या रसूल.. सरकार की आमद मरहबा जैस नारे गूंज उठे।
जुलूस में शामिल अंजुमनों के सदर की दस्तारबंदी की रस्म नवाब मुजाहिद हसन खां, प्रो. जाहिद खां, डॉ. एसयू चिश्ती, इकरार अहमद, काजी अलीमुद्दीन, मोहम्मद मियां, अब्दुल कयूम शाह, इस्तेखार बेग, डॉ. अनीस बेग आदि ने अदा की। सौ से अधिक अंजुमनों के साथ जुलूस निर्धारित रास्तों से होता हुआ दुरूदों-सलाम, नात शरीफ पढ़ते हुए आगे बढ़ता रहा। जुलूस में रंग बिरंगी पोशाकों और तरह तरह की टोपी, पगड़ी पहने अंजुमनों के सदस्य आकर्षण का केंद्र रहे। सभी अमन, शिक्षा, एकता और देश प्रेम का संदेश देने वाली तख्तियां लिए चल रहे थे। इस मौके पर कमेटी के महासचिव अंजुम शमीम ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन तारिक सईद ने किया। इस दौरान इमशाद हुसैन, सैयद मोहम्मद उस्मान, यामीन अहमद, अनवर हसन, हाजी सैयद जाफर, करामत उल्लाह निहाल हुसैन आदि मौजूद रहे।
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