बिशारतगंज। निरीक्षण के नाम पर नशे की हालत में लेबर रूम में लेबर रूम में घुसने के मामले में एसडीएम ने ज्वाइंट बीडीओ राजीव वर्मा और सीएम फेलो मृदुल बाजपेई को दोषी पाया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को भेज दी है। वहीं, मझगवां के खंड विकास अधिकारी कुलदीप कुमार कुशवाह ने दोनों अधिकारियों के व्यवहार को गलत ठहराया है।
बुधवार देर रात मझगवां सीएचसी प्रभारी डॉ. वैभव राठौर ने ज्वाइंट बीडीओ और सीएम फेलो पर शराब के नशे में लेबर रूम में घुसकर महिला स्टाफ नर्स से अभद्रता करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जब दोनों की जांच कराई तो अल्कोहल की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार शाम सीडीओ के निर्देश पर मझगवां पहुंचकर एसडीएम आंवला गोविंद राम मौर्य ने मामले की जांच की थी। एसडीएम ने दोनों पक्षों के लिखित बयान दर्ज किए थे।
मामले में एसडीएम ने बताया कि सीएचसी पर लगे सीसीटीवी कैमरे की दिशा विपरीत होने की वजह से वीडियो फुटेज में कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल की पुष्टि होने बयानों में विरोधाभास की वजह से प्रथमदृष्टया दोनों अधिकारियों को दोषी पाया गया है। रिपोर्ट सीडीओ को भेज दी है। प्रभारी निरीक्षक बिशारतगंज दीपचंद ने बताया कि मामले में उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वैभव राठौर ने लेबर रूम के मुख्य अहाते में खुलने वाले दरवाजे को अंदर से बंद रखने और अस्पताल के अंदर खुलने वाले दरवाजे से केवल महिलाओं की आवाजाही रखने के निर्देश स्टाफ नर्स को दिए हैं।