फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम से मिलवाकर हमें भी ‘धन्य’ करवाइए न..

Sat, 25 Nov 2017 02:27 AM IST
बरेली।
विज्ञापन
सीएम
विज्ञापन

विज्ञापन
शहर की कुछ दागी हस्तियां सीएम योगी आदित्यनाथ से सीधी मुलाकात का संदेश पूरे शहर को देकर अपनी धमक बनाने को बेताब हैं। उन्हें किन्हीं परमयोगी की तलाश है, जिनके इशारे पर सीएम को शहर की चंद हस्तियों से मिलवाने की चर्चा है। इसका सच तो खुद परमयोगी या योगी ही बता सकते हैं, मगर कुछ दागी हस्तियों पर खबर है कि किन्हीं परमयोगी के जरिए शहर की कुछ हस्तियां सीएम के जरिए अपनी धमक शहर में बनाने में कामयाब हुई हैं। दो दिन पहले तक तो सीएम का कार्यक्रम भी बनता-बिगड़ता बताया जा रहा था। एक मात्र भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम को ही सीएम के आने से उनकी ताकत का अंदाजा शहरवासियों को करवाने की आस थी, मगर एक दिन पहले खेल कुछ बदल गया। वृंदावन के कुछ संतों से जुड़े शहर के कुछ रसूखदार लोगों ने सीएम तक पकड़ रखने वाले किन्हीं परमयोगी से आशीर्वाद लेने में सफलता पा ली। रातों रात शहर में पॉवर प्वाइंट बदलकर रामपुर बाग हो गया। इससे पहले योगी के आने का पूरा क्रेडिट भाजपाई प्रत्याशी को जा रहा था। यानी एमबी इंटर कॉलेज के बाद एक होटल में गोपनीय बैठकों तक सीमित था। यकायक सबकुछ पलट गया। तैयारियां बीच में रुकवाकर सारी व्यवस्था बरेली कॉलेज-सर्किट हाउस यानी सिविल लाइंस इलाके-रामपुर बाग तक ही सीमित कर दी गई। इससे प्रशासन-पुलिस के अफसरों को तो राहत मिली ही, सीएम की धमक दर्शाने का एक पॉवर प्वाइंट भी बन गया। बृहस्पतिवार को तो यह सब शहर की उन कुछ दागी हस्तियों के  ऊपर से निकल गया, मगर शुक्रवार तक कई ने सीएम तक पहुंचने वाला मार्ग तलाश ही लिया। फिर तो वृंदावन से जुड़े सारेे नेटवर्क खंगाले गए। शहर के एक दूसरे बड़े कारोबारी भी सफलता पा गए और सीएम के साथ चाय पीने का जुगाड़ बना लिया। फिर तो शहर की तमाम हस्तियां अपना सिक्का चमकाने की जुगत में लग गईं। उनमें तमाम तो परमयोगी के शिष्यों के जरिए मुलाकात का न्योता पा गए, मगर शहर के नव धनाढ्य और कुछ दागी कारोबारी बेहद निराश हैं। उनका दर्द है कि अफसर और कद्दावर भाजपाई अगर उन्हें दागी मानकर सीएम तक पहुंचाने से रोक रहे हैं तो उनकी दावत में शामिल सभी कारोबारियों का रिकार्ड खंगाला जाना चाहिए। उनके नाम लेकर तो अफसरों को आगाह करने भी पहुंच गए। अफसरों और कद्दावर नेताओं को उनके आपराधिक मामलों की सूची देकर उनकी छवि बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अफसरों को चेताया भी कि अगर कल को योगी को सच्चाई का पता लगी तो पूरे सिस्टम की धज्जियां उड़ेंगी। अफसरों के साथ कद्दावर नेताओं से भी गुजारिश की। मगर नेताओं ने सारी बात संभालने का आश्वासन देकर अफसरों को शांत करा दिया। उसके बाद दागी कारोबारियों ने इस खेल का पूरा सेहरा एक कद्दावर नेता के सिर बांधकर उनके समर्थकों को बरगलाना शुरू कर दिया। उन सबसे कहा कि पहले अपनों को पीछे धकेलकर सबको छला और अब सबको मनाकर भाजपा को जिताने का ढोेंग किया जा रहा है। सीएम को बताया जा रहा है कि सबकुछ करने वाले चंद कद्दावर नेता ही बरेली में हैं, जिनकी बात एक बड़ा कारोबारी समाज मानता है और दूसरी ओर सब कुछ ‘साधकर’ कुछ कारोबारियों की धमक शहर में बनाने का संदेश देने का प्रयास है। इस खेल से चिढ़े नव धनाढ्य और चंद दागी कारोबारी पूरे शहर की दूसरी कड़ी(सेकेंड लेयर) को कद्दावर नेता के ‘सबसे बड़ा ‘खिलाड़ी’ होने का संदेश देते घूम रहे हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें