फतेहगंज पश्चिमी। बरातघर की दीवार पर लगे कटीले तार में दौड़ते करंट से ग्रामीण की मौत के मामले में कार्रवाई न होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने शव बरातघर के सामने शाही रोड पर रखकर जाम लगा दिया। एक घंटे बाद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर यातायात सुचारू कराया।
कस्बा के मोहल्ला भिटौरा निवासी बाबूराम मौर्य (59) बृहस्पतिवार को घास काटने के लिए घर से गए थे। रात तक जब वह नहीं लौटे तो तलाश शुरू की गई। पता न लगने पर भाई ओमप्रकाश मौर्य ने गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। गुमशुदगी दर्ज हो पाती, उससे पहले ही शुक्रवार दोपहर बाबूराम का शव शाही रोड पर एक बरातघर के पीछे दीवार के पास खेत में मिल गया।
उनके हाथ से दीवार से लटक रहे तार छू रहे थे। परिजनों का कहना था कि घास काटते समय करंट लगने से उनकी मौत हुई है। बरातघर संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज तो दिया, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी। ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया तो पुलिस की सांस अटक गई। हंगामे के दौरान आश्वासन मिलने पर ग्रामीण वहां से हट गए।
एफआईआर की खातिर दोबारा लगाया जाम
पुलिस ने मृतक के परिजनों व ग्रामीणों को समझाकर सड़क से शव हटवा तो दिया पर ग्रामीणों का गुस्सा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। परिजन रिपोर्ट की कॉपी मांगने की जिद पर अड़े रहे। फिर बरातघर के सामने 20 मिनट हंगामा करते रहे। पुलिस ने दोबारा से उन्हें समझाकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया तो वह मौके से गए। संवाद