बहेड़ी। सरदार वल्लभ भाई पटेल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में डीफार्मा के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय में पंजीकरण न कराने का आरोप लगाकर हंगामा किया। कॉलेज प्रशासन ने जब उनकी बात नहीं सुनी तो वह रिछा-जहानाबाद मार्ग पर धरने पर बैठ गए। इस वजह से करीब 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने समझाकर प्रदर्शनकारी छात्रों को सड़क से हटाया।
विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने आठ महीने पहले कॉलेज में प्रवेश लिया था। पूरी फीस लेने के बाद भी उनका विश्वविद्यालय में पंजीकरण नहीं कराया गया। कॉलेज में बात करने पर हर बार झूठा आश्वासन दिया गया। पंजीकरण न होने पर उन्होंने फीस के 46 हजार रुपये वापस मांगे। अब तक फीस नहीं लौटाई गई है। बृहस्पतिवार को विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उनसे अभद्रता की गई। कॉलेज से बाहर निकाल दिया। झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी।
इससे गुस्साए छात्र रिछा-जहानाबाद मार्ग पर धरने पर बैठ गए। कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर छात्र-छात्राओं को सड़क से हटाया। कॉलेज प्रबंधन से उनकी वार्ता कराई गई। रचित गंगवार, नाजिम अंसारी, मोहम्मद जावेद अंसारी, निधि गंगवार, शिखा ने बताया कि कॉलेज ने 22 मार्च को फीस लौटाने की बात कही है। अगर तय समय में फीस वापस नहीं हुई तो फिर से धरना-प्रदर्शन करेंगे। देवरनियां इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि समझाकर विद्यार्थियों को घर भेज दिया गया है।
राजनीतिक द्वेषभावना के चलते विद्यार्थी गुमराह हो गए थे। मैं कॉलेज में नहीं था। विद्यार्थियों को समझा दिया गया है। अब विवाद जैसी कोई बात नहीं है। अभद्र व्यवहार के आरोप की जांच कराई जाएगी। - डॉ. हरिशंकर गंगवार, चेयरमैन