ठेकेदार पर झाड़ा पल्ला
अब अफसर यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि सुरक्षा के नियमों का पालन कराना निर्माण कराने वाले ठेकेदार की जिम्मेदारी है, मगर कार्रवाई कुछ नहीं की गई है। उधर, श्रमिकों का आरोप है कि इस लापरवाही में अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं। मजदूर 20-22 फुट ऊंचे पिलर पर शटरिंग का काम बिना किसी सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट के करते हैं। शटरिंग के नीचे किसी तरह का जाल भी नहीं बांधा गया है।
मजदूरों का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी जिला अस्पताल के सामने स्लैब सड़क पर आकर गिरी थी। तब कई राहगीर बच गए थे। यदि किसी के ऊपर गिर जाती तो बड़ा हादसा हो जाता। पहले हुए हादसों के बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं। निरीक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूरी करने आते हैं।
सेतु निगम के महाप्रबंधक केएन ओझा का दावा है कि जब-जब निरीक्षण किया, हर बार टोका। उनके सामने मजदूर हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट लगा लेते हैं लेकिन हर समय हेलमेट व बेल्ट नहीं लगाते। अब कार्यदायी संस्था और सेतु निगम के साइट इंजीनियरों से पूरी रिपोर्ट लेंगे। इसके बाद ही किसी तरह का निर्णय ले सकेंगे।
खतरा सिर पर, अब भी नहीं चेते
कुतुबखाना पुल के निर्माण के लिए जहां-जहां स्लैब पड़नी होती है वहां पर लोहे के स्ट्रक्चर पर शटरिंग लगाई जाती है। शटरिंग के नीचे और अगल-बगल से लोग दिन भर गुजरते रहते हैं। निर्माण सामग्री जमीन पर है और सिर पर शटरिंग गिरने का खतरा रहता है। इससे पहले 18 जुलाई को शटरिंग गिरी भी थी, लेकिन तब लोग बच गए थे। अब एक मजदूर की मौत हुई है।
खतरा पर सिर पर है मगर जिम्मेदार अब भी नहीं चेत रहे। हादसा होने के बाद सोमवार को भी लोग पूरे दिन उसी पिलर के नीचे से गुजरते रहे। सेतु निगम ने मौके के हालात से नगर आयुक्त को भी अवगत कराया है। इसमें कहा गया है कि जिस जगह पर शटरिंग है और वहां उसके गिरने का खतरा है।
हादसे के बाद मजदूरों ने रोक दिया काम
धनंजय की मौत के बाद से मजदूरों ने काम रोक दिया था। सोमवार रात एक बजे तक काम शुरू नहीं हो सका। मजदूरों में कोई विरोध भी नहीं कर रहा है मगर काम भी नहीं कर रहा है। माना जा रहा है कि मजदूर ठेकेदार कंपनी की लापरवाही और अफसरों की अनदेखी के बीच काम करने के लिए मजबूर हैं। विरोध करने पर उनसे काम छीना जा सकता है।
स्मार्ट सिटी की सीईओ निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि पहला उद्देश्य परिवार की आर्थिक मदद करना है। वह कर रहे हैं। मामले में कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।