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Bareilly News: निर्देश बेअसर...60 फीसदी निजी अस्पतालों ने प्रदर्शित नहीं कीं आयुष्मान से इलाज की दरें

Mon, 18 Mar 2024 03:32 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन भी नहीं करा पा रहा। चेतावनी के बाद भी जिले में आयुष्मान योजना से संबद्ध 60 फीसदी निजी अस्पतालों ने इलाज की दरें सार्वजनिक नहीं की हैं। सिर्फ 40 फीसदी अस्पतालों में ही दरें प्रदर्शित की गई हैं। इसके बावजूद निर्देश न मानने वाले अस्पताल संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
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आयुष्मान योजना से संबद्ध कई निजी अस्पतालों में मनमाना बिल बनाए जाने का मुद्दा जनवरी में बरेली भ्रमण पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठा था। जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि निजी अस्पताल मरीजों को भर्ती करने के बाद महज एक ही दिन में भारी भरकम बिल बना देते हैं। लिहाजा, योजना के तहत पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की रकम चार से पांच बार सामान्य बीमारी के तहत इलाज कराने में ही खत्म हो जाती है। इसके बाद किसी परेशानी में अस्पताल पहुंचने पर बगैर नकद रुपये जमा कराए इलाज नहीं किया जाता।
ऐसे में लाभार्थी मरीज परेशान होते हैं।
प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने सीएमओ को आयुष्मान योजना के तहत जुड़े निजी अस्पतालों के परिसर में इलाज की दरें चस्पा कराने और बैनर, पोस्टर, स्टैंडी या होर्डिंग से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि जिस इलाज के लिए जो अस्पताल संबद्ध हैं, उनमें उस बीमारी के इलाज की दरें सार्वजनिक की जाएं। हालांकि दो माह गुजरने पर भी आदेश अधर में है। जिले में 180 निजी अस्पताल योजना से संबद्ध हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 75 से प्रदर्शन का प्रमाण मिला है।
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कार्ड के बावजूद जमा कराते हैं नकद रुपये

स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे निजी अस्पतालों की शिकायतों का बोझ बढ़ता जा रहा है, जो इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों से कार्ड होने के बावजूद नकद रुपये जमा करा रहे हैं। वहीं, आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग जब बिल देने से मना करते हैं तो उन्हें कहीं और इलाज का सुझाव दिया जाता है। बीते दिनों दो निजी मेडिकल कॉलेजों और कुछ बड़े निजी अस्पतालों पर आरोपों की पुष्टि के बाद उनसे रुपये वापस भी कराए गए थे।


कई अस्पतालों ने किया खेल, दरें छिपाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीएमओ ने सभी निजी अस्पतालों को दरें प्रदर्शित करने का नोटिस भेजा था। इसके बाद कई निजी अस्पतालों ने योजना के प्रचार-प्रसार संबंधी बैनर, होर्डिंग, स्टैंडी लगवाकर वाल पेंटिंग करा ली। कुछेक ने अस्पताल में आयुष्मान से होने वाली बीमारी के इलाज का ब्यौरा भी दिया, संबंधित इलाज के तहत एक दिन भर्ती करने पर कितने रुपये का बिल बनेगा? यह छिपा लिया। इन सभी को दरें प्रदर्शित करने को कहा गया है।

मरीजों के इलाज में प्रदेश में अव्वल है बरेली
आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को इलाज मुहैया कराने में बरेली प्रदेश में पहले पायदान पर है। बीते साल 3,09,412 मरीजों का इलाज हुआ है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 3,49,970 के लक्ष्य के सापेक्ष 3,10,799 परिवारों को आयुष्मान योजना के कार्ड मिल चुके हैं। ये आंकड़ा 89 फीसदी है। लक्षित परिवारों को जोड़ने में प्रदेश में जिला 8वें पायदान पर है। ऐसे राशन कार्ड जिनमें छह या ज्यादा यूनिट हैं, वे भी लाभार्थी बन रहे हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों की मनमानी से जिले की व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहा है।


मेडिसिन के इलाज सर्वाधिक हो रहे

जिला कोऑर्डिनेटर अनुराग अग्रवाल के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत सर्वाधिक मेडिसिन यानी फिजिशियन संंबंधित इलाज हो रहे हैं। दूसरे स्थान पर सर्जरी समेत डायलिसिस, कीमोथेरेपी है। तीसरे पर नेत्र रोग के इलाज, चौथे पर ऑर्थोपेडिक, पांचवें पर गायनेकोलॉजिस्ट से संबंधित इलाज हो रहे हैं। बताया कि इलाज के बाद अस्पतालों को शासन स्तर से भुगतान भी तत्काल होता है।
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वर्जन
आयुष्मान योजना से संबद्ध कई अस्पतालों ने नोटिस मिलने पर प्रमाण स्वरूप दरें प्रदर्शित करने का फोटो भेजा है। ऐसे अस्पताल जिन्होंने अभी दरें प्रदर्शित नहीं की हैं, उन्हें रिमाइंडर भेजेंगे। शासन के आदेश के अनुपालन में हीलाहवाली पर कार्रवाई होगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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