बरेली में 31 साल पुराने लाली हत्याकांड में तत्कालीन दरोगा युधिष्ठर सिंह को अपर सत्र न्यायाधीश पशुपति नाथ मिश्रा अदालत ने दोषी करार दिया दिया है। शहर के बड़ा बाजार में 23 जुलाई 1992 की शाम साहूकारा निवासी मुकेश जौहरी उर्फ लाली को तत्कालीन दरोगा युधिष्ठिर सिंह ने गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
दरोगा ने कोतवाली में मृतक के खिलाफ पिंक सिटी वाइन शॉप लूटने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक की मां चंद्रा जौहरी ने दरोगा युधिष्ठिर सिंह और तत्कालीन एसओ किला वीके उपाध्याय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीसीआईडी ने विवेचना में दरोगा युधिष्ठिर सिंह को दोषी मानते हुए कोतवाली में उनके खिलाफ 20 नवंबर 1997 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दरोगा को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। उनकी सजा पर फैसला कल 31 मार्च को होगा।