दोनों मोबाइल फोन छोड़ गया पर लगा है लॉक, थाने के पीछे के रास्ते से हुआ था फरार
फरीदपुर (बरेली)। सात लाख की रिश्वतखोरी में फरार हुआ इंस्पेक्टर रामसेवक सरकारी पिस्टल, 10 कारतूस व मैगजीन भी ले गया है। सात लाख रुपये रिश्वत लेकर स्मैक तस्करों को छोड़ने वाले इंस्पेक्टर रामसेवक को गिरफ्तार करने जब एसपी मानुष पारीक व सीओ गौरव सिंह पुलिस टीम के साथ फरीदपुर थाने पहुंचे थे तो वह वर्दी में था। जल्दबाजी में वर्दी पहने हुए ही सरकारी पिस्टल, दस कारतूस व मैगजीन लेकर वह थाने के पिछले रास्ते से भाग गया था। पुलिसकर्मियों के अनुसार इंस्पेक्टर हर वक्त सरकारी पिस्टल साथ रखता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए इंस्पेक्टर रामसेवक थाने के पीछे दीवार में लगे छोटे गेट से निकलने के लिए दौड़ा तो उस पर ताला लगा था। तब वह पीछे की छोटी दीवार से गली में कूद गया। कूदने के दौरान वह सड़क पर गिरा तो मामूली रूप से चोटिल भी हो गया। हालांकि, वह उठकर तेजी से स्टेशन रोड की तरफ भाग गया। स्टेशन की तरफ सुबह टहलने वाले लोगों में से कई ने इंस्पेक्टर को भागते देखा तो वे भी हैरान रह गए। वहां से वह डायट रोड होते हुए मेन रोड पर पहुंचा और किसी परिचित के वाहन से दूर निकल गया। संवाद
अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी पहुंचा रहा कारखास
सूत्र बता रहे हैं कि थाने से फरार हुए इंस्पेक्टर का कारखास अधिकारियों के मूवमेंट की सूचनाएं अब भी पहुंचा रहा है। थाने की पल-पल की अपडेट वह लीक करता है। रामसेवक के कई कारखास फरीदपुर थाने में तैनात थे। इनमें से कई पर एसएसपी ने कार्रवाई कर दी है। सूत्र बताते हैं कि रामसेवक के साथ हर वक्त रहने वाला उनका सबसे विश्वस्त पुलिसकर्मी अभी कार्रवाई से बचा हुआ है। वह एक छोटा मोबाइल फोन अपने पास रख रहा है और उसी से वह कार्रवाई एवं थाने में हो रही गतिविधियों के बारे में जानकारी फरार इंस्पेक्टर तक पहुंचा रहा है।