10 साल के बेटे ने दिया था यह बयान
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हेमेंद्र कुमार गंगवार ने अभियोजन का पक्ष रखा। जगदीश के 10 साल के बेटे ने अदालत को बताया कि सात जुलाई 2018 को मम्मी, पापा व सोरन अंकल हिमाचल से गांव पेड़ बेचने गए थे। वह व उसके भाई-बहन हिमाचल में नानी के घर रुक गए थे।
तीन दिन बाद मां अकेली हिमाचल लौटी। पूछने पर भी मां ने पिता के बारे में कुछ नहीं बताया। अपनी सहेली को मां ने बताया कि जगदीश खत्म हो गया है। वह बच्चों को लेकर गांव जा रही है। मासूम के इस बयान से हत्या की गुत्थी सुलझ गई।
पुलिस ने मीना व सोरन की लोकेशन निकलवाई तो घटना वाले दिन दोनों की लोकेशन घटनास्थल के पास मिली। अदालत ने साक्ष्यों व गवाहों का अवलोकन करने के बाद मीना देवी व सोरन सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।