गिरफ्तारी स्टे से बचे भूमाफिया, गुर्गे मचा रहे आतंक
एलायंस बिल्डर्स के भूमाफिया निदेशकों के खिलाफ पिछले साल शिकंजा कसा गया था, लेकिन हाईकोर्ट से स्टे लेकर वे गिरफ्तारी से बच गए। अब ये शहर में घूमकर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की कार्रवाई प्रभावित कर रहे हैं। उनके गुर्गे दोबारा अवैध कॉलोनियां बनाकर आतंक मचा रहे हैं। भूमाफिया गिरोह की करीब सवा सौ करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी। इन पर 15 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस बीच ये हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले आए।
नतीजा यह रहा कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस भूमाफिया को गिरफ्तार नहीं कर पाई। इसका फायदा उठाते हुए रमनदीप के गुर्गों ने गाजियाबाद में करोड़ों की धोखाधड़ी कर ली। उसके साथी साउथ सिटी कॉलोनी की दीवार तोड़कर अवैध कॉलोनी बसाने लगे।
हापुड़ निवासी व्यक्ति के रुपये हड़पे
हापुड़ के धौलाना हसनपुर निवासी कालू ने दिल्ली की कंपनी शांति निवास इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को 2.60 करोड़ रुपये में जमीन बेचने का सौदा तय किया था। बैनामा के समय कंपनी के डायरेक्टर ने 32,25,747 रुपये नकद और बकाया रकम के आठ चेक दिए थे। दो चेक बैंक में लगाए तो बाउंस हो गए। रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा तो भूमाफिया ने 50 लाख रुपये दो खातों में भेज दिए। बकाया 1.78 करोड़ रुपये नहीं दिए। कालू ने हापुड़ सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया। भूमाफिया ने कालू के नाम से फर्जी समझौतानामा बनाकर न्यायालय में पेश कर दिया।
कालू ने फर्जीवाडे़ की शिकायत पुलिस से की लेकिन भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं हुई। कालू ने कोर्ट की शरण ली तो शांति निवास इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, गुरप्रीत सिंह, हनी भाटिया, ओपस बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, युवराज, अमनदीप, विशाल शर्मा, धर्मेंद्र और कुलदीप के खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। हालांकि, शांति निवास फर्म के प्रबंधक मनीत शर्मा ने बताया कि इस मामले में उनका शिकायतकर्ता से समझौता हो चुका है।
बरेली रेंज के आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एलायंस ग्रुप के मामले में पुलिस जब्तीकरण की कार्रवाई कर चुकी है। चार्जशीट व गैंगस्टर भी लग चुका है। आरोपियों को गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था। गाजियाबाद या अन्य स्थानों पर नए मुकदमे हुए हैं तो गिरफ्तारी का विकल्प खुल सकता है। गाजियाबाद पुलिस को कार्रवाई में हरसंभव मदद दी जाएगी।