हजरत इमाम हुसैन व शहीदाने करबला की याद में पहली मोहर्रम से चल रहा अजादारी का सिलसिला मंगलवार को समाप्त हो गया। बुधवार को ईद-ए-जहरा मनाई जाएगी।
अजादारी के सिलसिले की आखिरी मजलिस मंगलवार को स्वालेहनगर के इमामबाड़ा नवाब काजिम अली खां में आयोजित की गई। इसमें खिताब करते हुए मौलाना आजिम हुसैन जैदी सेंथली ने करबला का मंजर बयान किया। इसके बाद हजरत इमाम हसन असकरी के ताबूत की जियारत कराई गई। जिसे देख कर वहां मौजूद लोग रोने लगे। इसके बाद वहीं से जुलूस-ए-अलम निकाला गया। इसमें बच्चों और जवानों ने छुरियों का मातम कर शरबला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। यह जुलूस स्वालेह नगर स्थित करबला में रौजा-ए-इमाम हुसैन पर पहुंच कर समाप्त हुआ। इसी के साथ दो महीने आठ दिनों से चल रहा अजादारी का सिलसिला खत्म हो गया। इसी के साथ शिया समुदाय के लोग बुधवार को होने वाली ईद-ए-जहरा की तैयारी में मसरूफ हो गए।