लोगों की आवागमन जारी
निर्माण स्थल पर जानलेवा हालात में लोगों का आवागमन जारी है। सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। जिम्मेदार अफसर भी इस सच को स्वीकार रहे हैं। दो सितंबर 2022 को कुतुबखाना पुल का निर्माण शुरू हुआ था। अभी 60 फीसदी काम हुआ है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पांच सितंबर को मजदूर की जान गई थी। अधिकारियों ने हादसे रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन कराने के दावे तो बहुत किए गए, लेकिन राहगीर की मौत ने व्यवस्था की कलई खोल दी।
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शटरिंग के नीचे से लोगों का आवागमन जारी है। कोहाड़ापीर से कुतुबखाना के बीच दिनभर हजारों लोगों का आवागमन होता है, जबकि ऊपर पुल की छत डाली जा रही है। कुछ हिस्सों में शटरिंग खोली जा रही है। निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है कि ऐसे उपाय करें ताकि आसपास के लोग खतरे में न आएं। कम से कम उस तरफ तो आवागमन रोक देना चाहिए जहां शटरिंग उतारी जा रही है, लेकिन शुक्रवार शाम को शटरिंग उतारे जाने के दौरान भी लोग आते-जाते रहे।
कार्यदायी संस्था का दावा है कि उसके गार्ड लोगों को रोकते हैं, लेकिन लोग उसकी बात को अनसुना कर जरूरी काम होने की बात कहते हुए आगे बढ़ जाते हैं। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर एमके सिंह ने बताया कि निरीक्षण करने आए स्मार्ट सिटी के अफसरों को वह कई बार इस हकीकत से वाकिफ करा चुके हैं।