बरेली। भारी बारिश के अलर्ट के बीच रेलवे ने भी संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी है। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रेलवे ट्रैक पर पड़ने वाले छोटे-बड़े पुल और तटबंधों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। खासकर उत्तराखंड को लेकर विशेष सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने इस सप्ताह भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद रेलवे भी अलर्ट मोड में आ गया है। बरेली से होते हुए रेल ट्रैक टनकपुर, लालकुआं, देहरादून तक जाते हैं। इसके अलावा गंगा, रामगंगा जैसी बड़ी नदियों के अलावा कई छोटी व पहाड़ी नदियाें पर भी रेलवे के पुल हैं। इन इलाकों में कटान और भूस्खलन क्षेत्र भी आते हैं। पिछले वर्ष भारी बारिश के कारण पूरनपुर में रेल ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा था।
कछला में रामगंगा के पास भी कटान हुआ था। उत्तराखंड में कई स्थानों पर पहाड़ों का मलबा आने से रेल यातायात प्रभावित हुआ। बरेली में इस बार बरेली वाया पीलीभीत-मैलानी-लखनऊ एक नया रेल ट्रैक भी शुरू हो गया है। यह ट्रैक पीलीभीत टाइगर रिजर्व और दुधवा नेशनल पार्क के इलाकों से होकर गुजरता है। यहां भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
सिग्नल, ओएचई और प्वाइंटों की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। नदियों के पुलों पर लगाए गए वाटर लेबल अलर्ट सिस्टम से भी निगरानी शुरू कर दी गई है।
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स्टेशनों के यार्ड में ड्रेनेज सिस्टम पर जीएम ने रिपोर्ट मांगी
मानसून के मद्देनजर पूर्वोत्तर रेलवे की जीएम सौम्या माथुर ने रेलवे स्टेशनों के यार्ड में ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने और साफ-सफाई के निर्देश दिए हैं। नए रेल ट्रैकों को लेकर विशेष सतर्कता के आदेश देने के साथ ही उन्होंने कॉसन आर्डर, राइडिंग, सिग्नलों की स्थिति और समपारों की सुरक्षा को लेकर भी रिपोर्ट मांगी है। अमृत भारत योजना के तहत जिन रेलवे स्टेशनों पर काम चल रहा है वहां मानसून के बीच काम की स्थिति पर भी उन्होंने डीआरएम से रिपोर्ट मांगी है।