हल्द्वानी बस अड्डे में ही गुजारी रात : राजकुमार
बरेली डिपो के चालक राजकुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को वह बस लेकर हल्द्वानी गए थे। उन्हें वहां के हालात के बारे में बिल्कुल अंदाजा नहीं था। रात आठ बजे जब बस हल्द्वानी में घुसी तो वहां हिंसा का पता चला। ऐसे में वह बस को किसी तरह बस अड्डे के अंदर ले गए। पूरी रात बस अड्डे के अंदर ही गुजारी। सुबह पांच बजे ही बस को लेकर किसी तरह से वहां से निकल लिए।
महज दो सवारियां लेकर ही निकलना पड़ा : अनुज
बरेली डिपो के परिचालक अनुज ने बताया कि उन्होंने भी चालक के साथ हल्द्वानी के बस अड्डे पर रात गुजारी। सुबह पांच बजे बगैर सवारी के ही बस को लेकर वहां से निकल लिए। किसी तरह लालकुआं तक के दो यात्री मिले। इसके बाद लालकुआं से किच्छा तक एक, किच्छा से बहेड़ी तक चार व बहेड़ी से बरेली तक सात-आठ लोग मिले। किसी तरह 14-15 लोगों को लेकर बरेली पहुंचे।
सेटेलाइट बस अड्डा की स्टेशन अधीक्षक लक्ष्मी राठौर ने बताया कि शुक्रवार को हल्द्वानी से कोई बस बरेली नहीं आई। हालांकि, यहां से लगातार बसें भेजी गईं। यात्रियों की संख्या कुछ कम होने के कारण चार-पांच बसें नहीं जा सकी।