अवैध खनन पुलिस व प्रशासन की सख्ती के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इसको लेकर किसानों में भ्रम बना हुअा है। हालांकि एसडीएम का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई दिशा निर्देश नही आया है लेकिन बिना अनुमति के किसान दस ट्राली मिट्टी या रेता अपने निजी काम के लिये ले जा सकते है। यहां बता दे रामगंगा के किनारे मीरंगज क्षेत्र के कीरतपुर इलाके मे,सूदनपुर,चुरहा नवदिया मे रात के अंधेरे में खनन होता है। वहीं कीरतपुर से ट्रैक्टर ट्राॅली से रोहतापुर,अनुरूद्धपुर,राजपुर कला होते हुये खनन माफिया आंवला और आस पास के क्षेत्र में इसको 1500 से 2000 लेकर बेचते हैं। ऐसा नहीं है कि इसको रोकने वालों को इसके बारे में कोई जानकारी नही है लेकिन वह कतिपय कारणों के चलते खनन माफिया पर हाथ डालने से परहेज करते हैं अगर सूत्रों की माने तो एक ग्राम प्रधान और एक विधायक का रिश्तेदार उनका नाम लेकर रोकने वालों को धमकाते है। इसके अलावा अरिल नदी के किनारे बार्डर के गांव महमूदपुर के आस पास भी अवैध खनन जोरों पर हो रहा है।एस डी एम ममता मालवीय ने बताया कि अवैध खनन रोकने के लिये वह और सी ओ संयुक्त रूप से चिन्हित स्थानों पर छापा मारकर खनन माफिया को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ उचित धाराओ के अन्तगर्त मुकदमा दर्ज करके कठोर कार्यवाही की जायेगी।