बरेली। पराली जलाने वालों से ढाई हजार से 15,000 रुपये तक अर्थदंड वसूला जाएगा। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर पांच सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है।
समिति में ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल, कृषि विभाग और क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ गन्ना पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं। ग्राम पंचायत निगरानी समिति अपनी पंचायत में पराली न जलाए जाने के लिए किसानों को जागरूक करेगी। विकासखंड स्तर पर भी एसडीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय निगरानी समिति बनाई गई है। इसमें सीओ, तहसीलदार और उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शामिल किए गए हैं।
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए 20 सदस्यीय सेल का गठन किया गया है। इसका काम जनपद स्तर पर तहसील और ग्राम स्तर की समितियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करना होगा।
वर्जन
पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। पराली नष्ट करने के लिए 40 हजार डी-कंपोजर किट वितरित की जानी हैं। इसमें से 27 हजार किट बांटी जा चुकी हैं। -धीरेंद्र कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
कब कितनी हुईं पराली जलाने की घटनाएं
2019 में 117
2020 में 71
2021 में 69
2022 में 73
2023 में अब तक 19