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Bareilly News: आईडी-पासवर्ड लीक करने वाले पकड़ से दूर, प्राचार्य समेत आठ को थी जानकारी

Thu, 07 Mar 2024 02:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। बरेली कॉलेज में लॉगिन आईडी व पासवर्ड लीक होने और प्रवेश शुल्क हड़पकर फर्जी फीस रसीदें छात्रों को थमाने के मामले को शुरुआत से ही ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी हो रही है। घपले की तह में जाने के लिए जिम्मेदार तत्परता नहीं दिखा रहे। स्थिति यह है कि कॉलेज की लॉगिन आईडी-पासवर्ड लीक करने वाले पकड़ से दूर हैं। इसकी जानकारी कॉलेज में प्राचार्य समेत कुल आठ लोगों को थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ये लीक कैसे हुई और साइबर कैफे में इससे प्रवेश फार्म विवि को कैसे अग्रसारित कर दिए गए?
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मामले में पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने दो दिन बाद भी अभी तक सख्ती नहीं दिखाई है। लॉगिन आईडी व पासवर्ड की सुरक्षा की जिन लोगों पर जिम्मेदारी थी, उनसे कोई पूछताछ नहीं हुई कि कैसे गोपनीय जानकारी लीक हुई? बुधवार को कॉलेज प्रशासन ने सिर्फ एक जांच समिति गठित की है। वहीं छात्रों का प्रवेश फार्म कैफे से जालसाजों के जरिए विवि में ऑनलाइन जमा कराने और प्रवेश शुल्क लेकर फर्जी रसीद थमाने के आरोप में पकड़े गए नाबालिग छात्र को पुलिस सुधार गृह भेज दिया है। मामले में कैफे संचालक जिस छात्रनेता पर आरोप है कि उसने कॉलेज की लॉगिन आईडी व पासवर्ड लीक करवाकर फॉर्म विवि को अग्रसारित किए और नाबालिग को कमीशन देकर प्रवेश शुल्क हड़पा, उसे अभी तक नहीं पकड़ा गया।

कब्जे कर बनाई गईं दुकानों को हटाने के लिए नगर निगम को लिखा पत्र
कॉलेज के विकास भवन वाले गेट पर नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन बनाया गया था। इसमें कुछ लोगों को दुकानें दी गई थीं। कुछ समय बाद यहां छात्रनेताओं के संरक्षण में कुछ लोगों ने कुर्सी-मेज डालकर साइबर कैफे संचालित कर दिए। संचालकों में कई बार मारपीट भी हुई। अब कुर्सी-मेज हटाकर टीन शेड से अस्थाई दुकानें बना ली गई हैं। इन्हीं कैफे पर पूरे दिन छात्रनेताओं का हुजूम लगा रहता है। वहीं परिसर में भी कैफे संचालित किया जा रहा है, जिस पर पुरानी अनुमति के कारण कॉलेज प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे ने बताया कि नगर निगम को कॉलेज के आसपास से अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों को हटाने के लिए पत्र लिखा गया है।
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इन्हें सौंपी गई जांच की जिम्मेदारीप्राचार्य प्रो.ओपी राय ने मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है। इसका अध्यक्ष प्रो. रीना अग्रवाल को बनाया गया है। इसमें चीफ प्रॉक्टर, स्थापना प्रभारी, कार्यालय अधीक्षक समेत सात लोगों को शामिल किया है। समिति सात मार्च को अग्रसारित आवेदन पत्रों की गिनती कराएगी। कॉलेज से संख्या विवि भेजी जाएगी, जहां डेटा का मिलान होगा।

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इन सवालों का भी नहीं मिल सका जवाब
- कॉलेज में प्रतिदिन डेटा का मिलान क्यों नहीं हुआ? हुआ तो वित्तीय हानि के बारे में जानकारी क्यों नहीं हो सकी?
- लंबे समय तक पासवर्ड आईडी क्यों नहीं बदली गई?
- विवादित होने के बाद भी परिसर में कैफे संचालन क्यों किया जा रहा है?
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वर्जन...
फर्जी रसीद प्रकरण में पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है। आंतरिक जांच के लिए समिति का गठन किया है। इसमें शामिल दोषियों पर नियमानुसार कठोर कराई जाएगी।
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प्रो.ओपी राय, प्राचार्य
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