बरेली। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि सांसद और मंत्री रहते काम करके दिखाया। अब स्नेह की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती है। अब अपने काम से बरेली वासियों का सम्मान बढ़ाऊंगा। ऐसे काम करूंगा, जिस पर पूरा शहर गर्व कर सके।
राज्यपाल संतोष रविवार शाम विंडरमेयर थियेटर में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब काम का तरीका बदल गया है। इतने दिनों तक हमने जो काम किया, अब उसमें बहुत परिवर्तन आया है। अब हमें सोचना पड़ता है कि क्या करें और क्या न करें? दयादृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश्वर सिंह ने कहा कि जब वह दिल्ली गए तो नौकरी और मकान तलाश रहे थे। तब संतोष गंगवार ने अपने आवास में रहने के लिए कहा था।
वरिष्ठ पत्रकार प्रभात सिंह ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद उन्हें बरेली छोड़कर इलाहाबाद जाना पड़ा था। जाने से पहले उन्होंने शहर में एक लाइब्रेरी और आर्ट गैलरी की जरूरत बताई थी। कैंट स्थित युगवीणा लाइब्रेरी संतोष गंगवार के प्रयास का ही नतीजा है। राज्यपाल ने व्यस्ततम पेशे से जुड़े होने के बावजूद रंगमंच के लिए समय देने पर डॉ. बृजेश्वर सिंह की तारीफ की।
रंग विनायक रंगमंडल के कलाकार अजय चौहान व अन्य सदस्यों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। संचालन मुशाहिद रफत ने किया। इस दौरान डॉ. आशीष जॉन, डॉ. गरिमा सिंह, चरण कंवलजीत सिंह, संजीव अग्रवाल, नवीन कालरा, दानिश खान, अजय चौहान तथा रंग विनायक रंगमंडल के कलाकार मौजूद रहे।
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गार्ड ऑफ ऑनर लेने से किया इन्कार
राज्यपाल बनने के बाद दूसरी बार शहर पहुंचे संतोष गंगवार ने रविवार को सर्किट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर लेने से इन्कार कर दिया। उन्होेंने कहा कि बरेली मेरा घर है। पहली बार आने पर की गई यह औपचारिकता पर्याप्त थी। अब बार-बार इसकी जरूरत नहीं। उनके निर्देश के बाद उन्हें विशिष्ट सम्मान देने के लिए मौजूद पुलिस कर्मी वापस भेज दिए गए। ब्यूरो