बरेली। साइबर ठगों ने पुलिस के सिस्टम में भी सेंधमारी कर दी है। मुकदमे दर्ज कराने वाले पीड़ितों के नंबर पर कॉल कर ठग कार्रवाई का झांसा देकर चूना लगाने की कोशिश कर रहे हैं। रुपये न देने पर कार्रवाई की धमकी दे रहे है। लगातार दो मामले सामने आने के बाद एसएसपी के आदेश पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कर रही है।
केस एक
तीन नंबरों से की कॉल, मांगे रुपये
बारादरी क्षेत्र के माधोबाड़ी नई बस्ती निवासी राहुल उर्फ कुनाल ने अमन और जतिन पर घर में घुसकर पीटने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद राहुल के नंबर पर तीन अलग नंबर से कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को एसएसपी दफ्तर का अंकित और दरोगा सतवीर बताया। आरोपियों पर कार्रवाई कराने के बदले राहुल से तीन हजार रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर कार्रवाई रोक देने की बात कही। राहुल की तरफ से फोन नंबर के आधार पर बारादरी थाने में रिपोर्ट की गई है।
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केस दो
पति से परेशान महिला से भी ठगी की कोशिश
इज्जतनगर के छोटी विहार निवासी ललिता ने अपने पति पर पीटने और लूट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ठगों ने ललिता के भाई देवेंद्र शुक्ला के नंबर पर कॉल करके आरोपी पर कार्रवाई कराने का झांसा दिया और दस हजार रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर कार्रवाई नहीं करने की धमकी दी। ठग ने बताया कि वह एसपी कार्यालय से प्रदीप मिश्रा बोल रहा है। कॉल रिकार्ड करने पर देवेंद्र को ब्लॉक कर दिया। दूसरे नंबर से कॉल कर दोबारा दस हजार रुपये मांगे। कुछ देर बाद तीसरे नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अंकित पाठक नाम बताकर आरोपी को गिरफ्तार करने के बदले 15 हजार रुपये मांगे। देवेंद्र ने इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ठगों तक कैसे पहुंच रही पीड़ितों की जानकारी
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पीड़ितों की जानकारी ठगों तक कैसे पहुंच रही है, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों को कॉल करने वाले ठगों को मुकदमे के बारे में सारी जानकारी होती है और वह कार्रवाई कराने के बदले पीड़ितों से रुपये की मांग करते हैं। पिछले दिनों भी कई पीड़ितों से इसी तरह रुपये मांगे गए थे। तब माना जा रहा था कि यूपी कॉप एप से पीड़ितों की एफआईआर देखकर डिटेल चोरी की जा रही है। बाद में कुछ ऐसे मामलों में भी पीड़ितों के पास कॉल आई जिन्होंने केवल शिकायत की थी, उनकी रिपोर्ट दर्ज हुए बिना ही उनके पास ठगों की कॉल आने लगीं। ब्यूरो