बरेली। ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि धर्म के नाम पर ढोंग-पाखंड हो रहा है। यह चिंता का विषय है। बड़े-बड़े मंदिरों में वीआईपी दर्शन कराने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे व्यापार बताया।
शंकराचार्य एक दिन के प्रवास पर बृहस्पतिवार को बरेली आए थे। रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने शुक्रवार को सुबह रामपुर बाग में पत्रकारों से बात करते हुए व्यंगात्मक लहजे में कहा कि बड़े-बड़े मंदिरों में विकास कार्य कराया जा रहा है। विकास कार्य में जितना पैसा लगा है, उसे निकालना भी तो पड़ता है। यह व्यापार का नियम है। इसके लिए टिकट लगाए जाएंगे, वीआईपी दर्शन कराए जाएंगे। यह सब हो रहा है, जो धर्मस्थानों के लिए ठीक नहीं है। धर्म के प्रति युवाओं का रुझान कम होने के प्रश्न पर शंकराचार्य ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी ईमानदार है, सक्षम है। उनका कहना है कि धर्म के मामले में ढोंग पाखंड बढ़ रहा है। इसके चलते युवाओं का मन धर्म से दूर रहा है। ढोंग करने वाले अपनी दुकानें खोलकर भले ही कुछ कर लें, लेकिन सच्चाई यह है कि असल में जो धार्मिक लोग हैं, वे आज भी धर्म के मार्ग पर हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि सच्चे धार्मिक लोगों का अनुसरण करें और नशे और निराशा से बचें। यहां से वापसी में अशोक गोयल व उनके परिवार ने विदाई दी।