बरेली। 12 महिला पुलिसकर्मियों का यौन उत्पीड़न करने और उन्हीं की रकम पर ऐश करने वाले राजन वर्मा के कारनामे चौंकाने वाले हैं। सशस्त्र गारद की वर्दी में हथियारों के साथ उसके फोटो अफसरों को भी खटक रहे हैं। वह असलहों तक कैसे पहुंचा? इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, पुलिस के शस्त्रागार की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोपी ने इन तस्वीरों को अयोध्या पुलिस लाइन का बताया है, पर पुलिस उन्हें एडिटेड मान रही है। जांच में करीबी पुलिसकर्मी व लखनऊ के फाइनेंसर समेत दूसरे सहयोगियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
उसके खिलाफ जिले के एक थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मी ने कोतवाली में यौन शोषण और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी पर मुरादाबाद, श्रावस्ती व लखीमपुर खीरी में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। राजन के मोबाइल में उसके कई फोटो पुलिस परेड वाली गारद की वर्दी और हथियारों के साथ हैं। इन फोटो में राजन के साथ उसी तरह की वर्दी पहने और भी पुलिसकर्मी दिख रहे हैं। इसलिए इन्हें एडिटेड कहकर खारिज करना भी मुश्किल है।
पुलिस और पत्नी को बताई एक जैसी बात
राजन ने पुलिस और अपनी कथित पत्नी (रिपोर्ट कराने वाली पुलिसकर्मी) को बताया कि पुलिस भर्ती के नाम पर उसके दोस्त सुनील गुप्ता ने उससे पांच लाख की ठगी की थी। सुनील ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया था, जबकि उसके पिता पुलिस लाइन में तैनात थे। सुनील की दोस्ती नए सिपाहियों से थी। उसने प्रशिक्षण के नाम पर उसे फुल ड्रेस पहनने व हथियारों के रखरखाव के बारे में उनसे जानकारी दिलाई। राजन ये सोचकर सब सीखता रहा कि जल्द ही उसकी भर्ती हो जाएगी। धोखा मिलने पर वह परेशान रहने लगा।
इस वक्त तक वह पुलिसकर्मी जैसा व्यवहार करने लगा। नए सिपाहियों के बीच रहकर उसका आत्मविश्वास बढ़ा और यहीं से उसे महिला सिपाहियों को फंसाने व ठगने का आइडिया मिला। हालांकि, राजन की इन बातों को पुलिस सही नहीं मान रही है। उसे पकड़ने वाले एसआई नेपाल सिंह ने बताया कि फोटो के मुकाबले राजन की वास्तविक लंबाई कम लग रही है। उन्हें संदेह है कि उसने किसी और के फोटो पर अपना चेहरा लगाकर उसे एडिट कर लिया होगा, ताकि महिलाओं को फुसलाने में आसानी हो। अधिकारी दोनों बातों को जांच का विषय मान रहे हैं। अमर उजाला ब्यूरो
राजन वर्मा क्या बता रहा है और उसमें कितनी सच्चाई है, यह जानना मुश्किल है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल, पिछले महीनों की लोकेशन व उसके बैंक खातों का ब्योरा देखा जाएगा। इसी के आधार पर जो नए आरोपी सामने आएंगे, उन्हें भी केस में शामिल कर चार्जशीट लगाई जाएगी। - पंकज श्रीवास्तव, सीओ प्रथम