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Bareilly News: गर्रा नदी के कटान से मकान ढहा, कई झोंपड़ियां नष्ट

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कुर्रिया कलां के हुसैनपुर गांव में बाढ़ के पानी से ढूबी झोपड़ी। संवाद
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कुर्रिया कलां। गर्रा नदी में आई बाढ़ से तटवर्ती गांव गुर्रा का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। नदी के कटान में गांव के छोटेलाल कुशवाहा का मकान ढह गया। इसी गांव के भूमिहीन अहिबरन समेत हुसैनपुर गांव में अन्य कई लोगों की झोंपड़ियों को भी सैलाब का पानी भरने से काफी नुकसान हुआ।
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बाढ़ का पानी उतरने के साथ गांवों में हुई बर्बादी के मंजर दिखने लगे हैं। गुर्रा गांव नदी के बिल्कुल किनारे पर बसा हुआ है। इसी गांव के छोटेलाल गांव के किनारे नदी के बहाव से करीब 100 मीटर दूर एक पक्का कमरा बनाकर और आगे झोंपड़ी डालकर परिवार सहित रह रहे थे।
बाढ़ आने पर गर्रा नदी कटान करती हुई छोटेलाल के घर के पास पहुंच गई। नतीजे में छोटेलाल का घर ढह गया और झोंपड़ी भी नष्ट हो गई। अब वह खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। उन्होंने अपना घरेलू सामान खेत में एक तिरपाल तानकर उसके नीचे रख लिया है।
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हुसैनपुर गांव में मैकूलाल की झोंपड़ी भी बाढ़ का पानी भरने से गिरकर नष्ट हो गई। मैकूलाल के पास रहने और पशुओं को रखने की भी जगह नहीं बची। झोंपड़ी में रखी चारपाई, कपड़े, राशन आदि भी नष्ट हो गया।
इसी गांव के रामनरेश के पांच एकड़ धान की फसल नष्ट हो गई। कई किसानों की हरा चारा फसल और भूसा पानी में बह गया। इससे तमाम पशुपालकों को भूसा और चारे के लिए भटकना पड़ रहा है। चार दिन बाद भी खिरिया शेख के पास कटी सड़क से निकल रहा पानी बाधा बना हुआ है। जिस कारण लगातार पानी आस-पास के कई गांवों में तेजी से बढ़ रहा है।
इस बीच, समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं की टीम ने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव गुर्रा, हीरपुर, हुसैनपुर, माधोपुर आदि में भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित परिवारों के लोगों को भोजन-पानी के पैकेट बांटे। जिलाध्यक्ष प्रसून कुमार, नीरज मिश्रा, सौमित्र यादव, आशुतोष तिवारी,शिवम मिश्रा आदि का सहयोग रहा। संवाद
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