बरेली। शहर के कई बेसमेंट में अस्पताल संचालित हो रहे हैं। 50 फीसदी से अधिक अस्पतालों की ओपीडी, डायग्नोस्टिक सेंटर, फिजियोथेरेपी सेंटर, मेडिकल स्टोर आदि बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। यहां इलाज के दावों के बीच मरीजों के सिर पर मौत का खतरा मंडरा रहा है। इनमें कई अस्पताल व नर्सिंग होम शहर के रसूखदारों के हैं। दिल्ली हादसे और शासन के निर्देश के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है। छिटपुट कार्रवाई कर खानापूर्ति की जा रही है।
दरअसल, बीडीए के सीमा क्षेत्र में 25 फीसदी कारोबार बेसमेंट में ही संचालित हो रहा है। इनमें मिठाई की दुकाने, जिम, रेडिमेड गारमेंट्स की दुकानें, रेस्टोरेंट आदि शामिल हैं। जिन बेसमेंट में ये गतिविधियां चल रही हैं, उनमें से कुछ वैध तो कई अवैध हैं। बीडीए की छिटपुट कार्रवाई से इनके बीच हलचल तो है, पर कोई विशेष असर नहीं दिख रहा है। इन बेसमेंट में अवैध गतिविधियों के संचालन आदि में प्राधिकरण के जेई व एई की भी मिलीभगत हैं। बीडीए इनकी संलिप्तता की भी जांच कर रहा है।
नोटिस तक सिमटी कार्रवाई
बीडीए की ओर से 150 अवैध निर्माण की सूची तैयार की है। इनमें अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। जानकारों की माने तो लिस्ट में सत्ताधारी दल के नेताओं के अस्पताल भी शामिल हैं। अधिकारियों का तर्क है कि नोटिस देने के बाद बेसमेंट में संचालित गतिविधियों को बंद करने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
बेसमेंट वैध, गतिविधियां अवैध
शहर में बने कई कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट वैध हैं। मानचित्र के अनुसार उनका निर्माण हुआ है, पर उनके अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। पार्किंग और स्टोर रूम के लिए स्वीकृत इन बेसमेंट में व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं। बीडीए की सख्ती के बाद कई प्रतिष्ठानों ने मामला ठंडा होने तक दुकान बंद होने के बोर्ड लगा दिए हैं। कई बेसमेंट में दुकानें आदि चलाने वाले लोगों ने गोदाम के लिए इश्तिहार भी लगा दिए हैं।
बीडीए ने 11 अस्पतालाें व नर्सिंग होम का किया सर्वे
शनिवार को बीडीए की टीम ने 11 अस्पतालों का सर्वे किया। संचालकाें को सचेत करते हुए कहा कि बेसमेंट में मानक के अनुरूप गतिविधियां संचालित करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इन अस्पतालों के नोटिस भी तैयार किए जा रहे हैं। संवाद
मानक के विपरीत बने भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं तो संबंधित को नोटिस भेजे जा रहे हैं। अवैध होने पर निश्चित तौर पर सीलिंग की कार्रवाई हो रही है। किसी दबाव में यह कार्रवाई नहीं रुकेगी। - योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए
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मानक अनुरूप चल रहे अस्पताल, सुधारी जाएंगी खामियां
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल का कहना है कि कहीं हादसा हुआ है तो उससे सीख लेनी चाहिए। मरीजों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी उपाय होंगे, उसके लिए आईएमए परिवार के सभी सदस्य तैयार हैं। बीडीए के मानक के अनुसार बेसमेंट में पार्किंग नहीं है तो ओपीडी, रेडियोलॉजी सेंटर संचालित हो सकते हैं। दो निकास स्थल हैं तो मरीज भी भर्ती हो सकते हैं। जिन अस्पतालों में ये व्यवस्था नहीं है, उन्हें सुधार का मौका मिले।