बरेली। एचआईवी (ह्यूमेन इम्यूनोडिफिसिएंसी वायरस) मरीजों को होने वालीं सभी संभावित बीमारियों की जांच अब जिला अस्पताल में एक ही छत के नीचे होगी। ऐसे मरीजों में चार अन्य गंभीर रोगों के चपेट में आने की आशंका रहती है। जांच की एक स्थान पर सुविधा होने से इन्हें एक से दूसरे कक्ष के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
शासन से जारी दिशा-निर्देशों के तहत बीते दिनों जिला अस्पताल एडी एसआईसी कार्यालय में बैठक हुई थी। हेपेटाइटिस बी, सी प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ.आरके गुप्ता के मुताबिक सुरक्षा से संपूर्ण सुरक्षा मुहिम में वे एचआईवी पीड़ित शामिल होंगे, जो एड्स की चपेट में नहीं आए हैं, लेकिन हाई रिस्क श्रेणी के हैं। चूंकि भविष्य में ऐसे मरीजों में गुप्त रोग, काला पीलिया, हेपेटाइटिस बी, सी और क्षय रोग होने की आशंका रहती है। ऐसे में शासन की मंशा है कि चारों रोगों की जांच के लिए हाई रिस्क मरीज को भटकना न पड़े। उनके अनुसार अभी एआरटी सेंटर, हेपेटाइटिस बी, सी, काला पीलिया, क्षय रोग की जांच के अलग-अलग केंद्र हैं। पर दिशानिर्देश के तहत इनसे संबंधित जांच एक छत के नीचे लाने का प्रयास है। मंथन के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जल्द ही कवायद शुरू होने की उम्मीद है।
जिले में अभी हैं 5200 एचआईवी पीड़ित
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड अनुसार जिले में अभी करीब 5200 एचआईवी पीड़ित हैं। इसमें 3350 पुरुष, 1606 महिलाएं, 222 बच्चे व 22 किन्नर हैं। इनकी जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से निशुल्क दवा, इलाज और काउंसलिंग हो रही है। इनमें से कई मरीज हाई रिस्क श्रेणी के हैं, लेकिन नियमित निगरानी और दवा का सेवन करने से ऐसे पीड़ित एड्स की चपेट में नहीं आए हैं।