किसी करीबी ने बनाया वीडियो
सेटेलाइट चौराहे के पास लल्ला ने खुद को एसओजी प्रभारी के हवाले कर दिया। इस दौरान वायरल छह सेकेंड के वीडियो को देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि लल्ला ने खुद को जानबूझकर पकड़वाया है। साथ ही वीडियो भी अपने ही किसी करीबी से बनवाकर वायरल कराया है।
इसके पीछे लल्ला की मंशा रही होगी कि पुलिस उसका एनकाउंटर न कर दे। वहीं उसे पकड़ने के लिए दूसरे शहरों की खाक छान रही पुलिस को भी इससे राहत मिली है। कोर्ट में सरेंडर की स्थिति में होने वाली फजीहत भी पुलिस ने बचा ली है।
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चर्चा है कि लल्ला और पुलिस के बीच में लल्ला के समाज के एक नेता की बड़ी भूमिका रही है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी की उपलब्धि के रूप में भी इसे देखा जा रहा है, जाहिर है कि निवर्तमान एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने लल्ला को पकड़ने के लिए एसआईटी गठित की थी, लेकिन वह लल्ला को पकड़ने में कामयाब नहीं हो सके।
पुलिस को थी उम्मीद, इसीलिए दाखिल नहीं कर रही थी रिपोर्ट
कोर्ट में लल्ला ने सरेंडर अर्जी डलवाई थी। इस मामले में कोर्ट ने विवेचक से उसके खिलाफ मामलों की रिपोर्ट तलब की। पुलिस ने 16 मार्च को रिपोर्ट दाखिल नहीं की तो कोर्ट ने इसे 21 मार्च के लिए टाल दिया। पुलिस को मंगलवार को कोर्ट में यह रिपोर्ट दाखिल करनी थी जिसके बाद लल्ला का सरेंडर हो सकता था।
पुलिस जानबूझकर रिपोर्ट दाखिल करने में देर कर रही थी ताकि उसे लल्ला की गिरफ्तारी का मौका मिल सके। अब पुलिस मंगलवार को लल्ला गद्दी को कोर्ट में पेश कर सकती है। पूछताछ व साक्ष्य जुटाने के लिए उसे दोबारा से रिमांड पर लिया जा सकता है।