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विधायक के अस्पताल का गेट बंद कराए बगैर लौटी पुलिस

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नवाबगंज। हाईकोर्ट के आदेश पर भाजपा विधायक डॉ. एमपी आर्य के अस्पताल का अवैध गेट बंद कराने पहुंची पुलिस विधायक के भाई की अगुवाई में इकट्ठे हुए समर्थकों की भीड़ के साथ कुछ देर नूराकुश्ती के बाद बैरंग लौट गई। विधायक के भाई ने इस दौरान यह भी आरोप लगा दिया कि उनकी रेस्टोरेशन रिट को नजरंदाज कर कोर्ट ने एकपक्षीय आदेश पारित किया है। पुलिस ने कहा है कि हाईकोर्ट को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। वहां से जो आदेश आएगा, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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भाजपा विधायक डॉ. एमपी आर्य के नवाबगंज में स्थित अस्पताल के पास ही हरिप्रसाद राठौर की लकड़ी की टाल है। विधायक के अस्पताल का एक गेट हरिप्रसाद की टाल की ओर खुलता है और दूसरा मुख्य मार्ग पर। गेट की जमीन को लेकर विधायक और हरिप्रसाद के बीच कई साल से कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। पहले इस मामले में बरेली का जिला सत्र न्यायालय ने हरिप्रसाद के हक में फैसला सुनाते हुए अस्पताल का गेट बंद कराने का आदेश दिया था मगर प्रशासन इस आदेश का पालन नहीं करा पाया।
टाल मालिक हरिप्रसाद ने इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की ती। इस पर हाईकोर्ट ने भी अस्पताल का गेट बंद कराने का आदेश दिया था। मंगलवार को हरिप्रसाद के वकील शिवम और अरविंद कोर्ट अमीन राकेश सिंह के साथ थाने पहुंचे। थाने से पुलिस फोर्स उनके साथ विधायक के अस्पताल का गेट बंद कराने पहुंचा।
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विधायक डॉ. एमपी आर्य तो इस दौरान अस्पताल में मौजूद नहीं थे लेकिन पुलिस के पहुंचते ही उनके भाई लेखराज गंगवार भारी तादाद में समर्थकों की भीड़ के साथ अस्पताल पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। पुलिस ने उनसे हटने को कहा तो नारेबाजी करते हुए समर्थक लेखराज के साथ अस्पताल के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए लौट आई।
सरकारी काम में बाधा का मामला
बनता है पर कोर्ट को भेजेंगे रिपोर्ट
इंस्पेक्टर नवाबगंज अशोक कुमार कंबोज ने बताया कि विधायक डॉ. एमपी आर्य की गैरमौजूदगी में उनके समर्थक मौके पर आ गए थे और उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मामले में सरकारी काम में बाधा डालने का मामला तो बनता है लेकिन पुलिस अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजेगी और हाईकोर्ट से जो भी आदेश मिलेगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा।
मीडिया को जारी किया बयान
इस मामले में रेस्टोरेशन रिट दाखिल करने के बाद भी कोर्ट ने एकपक्षीय आदेश किया है। यह भूमि पुष्पा गंगवार के नाम है। विधायक का इससे कोई लेनादेना नहीं है। - लेखराज गंगवार, विधायक एमपी आर्य के भाई
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