बरेली। मुलायम सिंह यादव के नाम पर सड़क का नामकरण करने और कल्याण सिंह की मूर्ति लगाए जाने के प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पारित नहीं हुए। सपा पार्षदों का अंतर्विरोध भी सामने आया। सपा-भाजपा पार्षदों में तीखी बहस हुई। हंगामा होता देख महापौर ने दोनों प्रस्ताव अगली बैठक के लिए टाल दिया।
बियाबानी कोठी से गौटिया तक की सड़क का नामकरण पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नाम पर किए जाने संबंधी पार्षद राजेश अग्रवाल का प्रस्ताव उस वक्त अटक गया जब अनुमोदक आरिफ कुरैशी ने कहा कि अभी चर्चा नहीं चाहते। सपा के पार्षद अब्दुल कय्यूम मुन्ना ने इस सड़क को काफी छोटी व राजेश अग्रवाल को बागी बताया। सलीम अहमद व अन्य पार्षदों ने किसी पार्क का नामकरण नेताजी के नाम पर किए जाने की मांग की। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने कहा कि इस पर अगली बैठक में चर्चा की जाए। इस मुद्दे पर सपा के पार्षद एकमत नहीं दिखे। भाजपा के बनवारी लाल ने कल्याण सिंह की मूर्ति लगवाने का प्रस्ताव रखा तो सपाई बोले- दोनों पर अगली बैठक में चर्चा ठीक रहेगी।
हमेशा अग्रिम पंक्ति में बैठने वाले सपा पार्षद राजेश अग्रवाल बुधवार को उस समय भाजपा पार्षदों के खेमे में बैठ गए जब अग्रिम पंक्ति में विराजमान सपा के पार्षद उनके आने पर न खड़े हुए, न ही उनको बैठने के लिए जगह दी। पूछने पर राजेश अग्रवाल बोले, सपा पार्षदों ने उन्हें आगे जगह नहीं दी। भाजपाई उठ खड़े हुए और उन्हें बैठा लिया फिर उठने ही नहीं दिया।