पीलीभीत। बरेली के एक निजी अस्पताल में शनिवार को नौगवा पकड़िया के युवक अजीम की डेंगू से मौत हो गई। अब सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने स्वीकार किया है कि नौगवा पकड़िया में चार लोगों की मौत डेंगू के कारण हुई। इससे पहले वह यहां हुई 11 मौतों में से किसी का भी कारण बुखार को नहीं मान रहे थे। उनका कहना था यहां दूषित पानी के कारण लोगों की जान गई।
नौगवा पकड़िया में एक अक्तूबर से हालात ज्यादा खराब हुए। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले से अंजान रहा। छह लोगों की बुखार से मौत के बाद जब मामला सुर्खियों में आया तो विभाग गंभीर हुआ। इसके बाद क्षेत्र में जांच कराई गई। मृतकों के परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने मौतों का कारण बुखार बताया पर विभाग मानने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद भी लोगों की बुखार से मौत की सिलसिला जारी रहा। कुछ मौत डेंगू संक्रमण के चलत हुई। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अफसर लोगों की मौत के लिए क्षेत्र के दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराते रहे। बाद में मामला शासन तक पहुंचा तो पानी की जांच कराई गई तो उसमें कोई कमी नहीं निकली। बावजूद इसके सीएमओ अपने बयान पर कायम रहे।
इसी क्रम में 11 लोगों की मौत के बाद लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद अचानक सीएमओ का सुर बदल गया। उन्होंने स्वीकार किया कि ममता, लीलावती, फरहाना और अजीम की मौत डेंगू से हुई है।
-
सबसे पहले जहानाबाद सीएचसी में भर्ती था अजीम
शनिवार को अजीम खां (26) की बुखार से मौत हो गई। बड़े भाई अनीस ने बताया कि आठ दिन पहले अजीम को बुखार आया था। विभाग ने उपचार के लिए जहानाबाद सीएचसी में भर्ती कराने की सलाह दी। पिछले शनिवार को जहानाबाद पहुंचने के बाद अजीम को भर्ती करा दिया गया। वहां उसकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन भर्ती कराने के बाद भी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थिति बिगड़ती देख बरेली के एक निजी अस्पताल मेें भर्ती कराया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान शनिवार सुबह अजीम ने दम तोड़ दिया।
-
तनवीर की हालत भी गंभीर
नौगवा में बुखार का कहर जारी है। मृतक अजीम के घर के आसपास भी स्थिति खराब है। पड़ोस में रहने वाले तनवीर को भी बुखार है। पांच दिन से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती है।
नौगवा में अब तक हुई मौतें
नौगवा में अक्तूबर माह से अब तक फूलचंद्र प्रजापति, सुरेश चंद्र, खुशहालो देवी, सुरेश प्रजापति, हरचरन लाल, देवांक, फरहाना, योगेंद्र उर्फ पप्पू, अनकेश कुमार, अनामिका, लीलावती, अजीम की मौत बुखार से हुई। स्वास्थ्य विभाग ने चार की मौत डेंगू से स्वीकारी।
----
संचारी रोग के सर्विलांस अधिकारी ने जुटाई जानकारी
शासन के निर्देश पर आई टीम अभी लौटी नहीं है। शनिवार को अजीम की मौत की सूचना के बाद संचारी रोग के सर्विलांस अधिकारी डॉ. अखलेश मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य के साथ नौगवा क्षेत्र में पहुंचे। मृतक के घर पहुंचकर जानकारी जुटाई। केस हिस्ट्री नोट करने के बाद टीम अन्य क्षेत्रों में पहुंची और जानकारी जुटाई।
नौगवा में अब तक 11 लोगों में डेंगू की हुई पुष्टि
नौगवा पकड़िया में 25 अक्तूबर के बाद से लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप कर जांच कर रही है। सीएमओ का कहना है कि अब तक 11 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि टाइफाइड के मरीज अधिक हैं। टीम क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को बुखार से बचाव के लिए जागरूक कर रही है।
अफसर कहते हैं....
अजीम की मौत के बाद जांच की गई। मौत डेंगू से हुई है। क्षेत्र में टीम लगातार जांच कर रही है। स्थिति में सुधार है।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
----
नौगवा पकड़िया का भ्रमण कर स्थिति को देखा गया। गंदगी के कारण बुखार फैलने की बात सामने आई है। पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
- डॉ. नवीन रस्तोगी, सर्विलांस अधिकारी, संचारी रोग
---
सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार मानीटरिंग की जा रही। गंदे पानी को निकलवा दिया गया है। टीम लगातार फॉगिंग का कार्य भी कर रही है।
-संतोष चतुर्वेदी, ईओ
000
नौगवा पकड़िया को लेकर स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका समेत संबंधित विभाग और अधिकरियों को निर्देशित किया जा चुका है। साफ सफाई, फॉगिंग और स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग से रोजाना क्षेत्र की रिपोर्ट ली जा रही है।
- प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम