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Bareilly Explosion: पहले धमाके पर कसता शिकंजा तो न होता दूसरा विस्फोट, सामने आई पुलिस की बड़ी लापरवाही

Fri, 04 Oct 2024 11:08 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

कल्याणपुर धमाका मामले में जांच शुरू हो गई है। सीओ मीरगंज, सीएफओ समेत निलंबित पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं। एसएसपी ने एसपी सिटी को दो अलग-अलग जांच सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। 
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घटनास्थल पर पड़े पटाखे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के गांव कल्याणपुर में हुए धमाके में सीओ मीरगंज, सीएफओ समेत निलंबित पुलिसकर्मी संदेह के घेरे में हैं। एसएसपी ने एसपी सिटी को दो अलग-अलग जांच सौंपकर रिपोर्ट मांगी है। चर्चा है कि सिरौली कस्बा में नासिर के घर दस दिन पहले हुए धमाके की जांच में लीपापोती की गई थी। इसकी वजह से उसका लाइसेंस निरस्त नहीं हो सका था। इसी बीच उसने अपना कारोबार ससुराल में शिफ्ट कर लिया। 

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पहले धमाके पर ही उस पर शिकंजा कस गया होता तो शायद यह हादसा न होता। सिरौली के कौआ टोला निवासी नासिर का आतिशबाजी बेचने का लाइसेंस 31 मार्च को ही एक्सपायर हो गया था। इसका नवीनीकरण कराए बिना ही नासिर बारूद का धंधा कर रहा था। 

21 सितंबर को छत पर आतिशबाजी सुखाते वक्त उसके घर में धमाका हुआ था। तब पुलिस ने रिपोर्ट लिख ली थी। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में अग्निशमन और पुलिस के स्थानीय अमले की रिपोर्ट में लीपापोती की गई थी। 
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इसकी वजह से नासिर का लाइसेंस अभी तक निरस्त नहीं हो सका था। अब एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी सिटी मानुष पारीक को दोनों मामलों की जांच सौंपी है। पहले मामले में सीओ मीरगंज व सीएफओ की भूमिका की जांच होनी है। दूसरे मामले में निलंबित व लाइन हाजिर पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच होनी है।

इन बिंदुओं पर हो सकती है जांच
  • सीओ और सीएफओ ने क्या तैयार की थी जांच रिपोर्ट?
  • कितने साल से जिले में है अधिकारियों की तैनाती?
  • जिले में चार ही लाइसेंस, बावजूद आतिशबाजी के अवैध भंडारण पर ढील क्यों?
  • आतिशबाजी लाइसेंस, एनओसी देने की प्रक्रिया का कितना हो रहा पालन?
  • 21 सितंबर की घटना में जांच रिपोर्ट देकर क्यों खामोश रहे अधिकारी?
  • स्थलीय सत्यापन क्यों नहीं किया?

इन विभागों की भूमिका पर सवाल
  • अग्निशमन विभाग
  • प्रशासन 
  • पुलिस
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जिलाधिकारी ने जाना घायलों का हाल
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। वहां मौजूद परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया। सीएमओ डॉ. विश्राम को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री ने मुआवजा दिलाने के दिए निर्देश
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कल्याणपुर जाकर घटनास्थल का मुआयना किया। पीड़ितों को जल्द मुआवजा दिलाने के लिए एसडीएम आंवला को जरूरी निर्देश दिए। रहमान शाह के पड़ोसियों से भी मिले। मंत्री ने कहा कि अगर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी होती तो ये घटना नहीं होती। उनके साथ भाजपा के अविनाश मौर्य, बल्लू माहेश्वरी, प्रमोद श्रीवास्तव, प्रशांत लोधी, प्रधान राफे खान आदि मौजूद रहे। 

सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप व विधायक अताउर रहमान के नेतृत्व में सपा के प्रतिनिधिमंडल ने कल्याणपुर जाकर पीड़ित परिवारों का हालचाल जाना। पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए शासन स्तर तक पैरवी का आश्वासन दिया। यहां पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, रविंद्र यादव, अशोक यादव, बृजेश श्रीवास्तव व शारिक कुरैशी आदि मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ितों से मिला। कहा कि वह शुक्रवार को डीएम को ज्ञापन देकर जांच की मांग करेंगे। 
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