हाफिजगंज। लक्ष्मी की हत्या के बाद उसके परिजनों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी गुस्सा है। यह गुस्सा उनकी चीखपुकार से लेकर बयानों तक में साफ झलक रहा था। बहन सपना ने कहा कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो उसकी लक्ष्मी की जान बच जाती।
लक्ष्मी की फुफेरी बहन सपना इस घटना से सबसे ज्यादा आहत थी। चूंकि घटना के दौरान वह खुद लक्ष्मी के साथ थी। उसे इस बात का अफसोस ज्यादा था कि न तो वह और न ही पुलिस लक्ष्मी को बचा सकी। जब उसने थाने आकर रात में घटनाक्रम बताया तो पुलिस ने इसे हल्के में लिया। दरअसल जब पुलिस को यह पता लगा कि पति-पत्नी दोनों कार में मौजूद थे तो माना गया कि कोई घटना नहीं होगी। इसी भरोसे में पुलिस ने लक्ष्मी की तलाश का कोई सार्थक प्रयास ही नहीं किया। इसलिए फुफेरी बहन चीख चीखकर थाना प्रभारी और हल्का पुलिस पर आरोप लगा रही थी। कह रही थी कि किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और उसकी बहन की जान चली गई।
नवाबगंज में आरोपी के घर के बाहर भी प्रदर्शन
- पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तो मृतका के परिजन नवाबगंज पहुंच गए। वहां उन्होंने आरोपी मोनू गुप्ता के घर के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की। सूचना मिलते ही कोतवाल राजकुमार शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने यहां से उन्हें समझाकर भेज दिया।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
बरेली। लक्ष्मी का शव पानी भरे गड्ढे में चित अवस्था में पड़ा था। वहां से शव निकाला गया तो सिर के पिछले हिस्से में गंडासे जैसे हथियार से चोट के तीन-तीन इंच गहरे पांच-छह घाव मिले। शरीर पर कुछ और जगह भी चोटें थीं। शरीर में पानी भरने से पेट भी फूल गया था, लेकिन हत्या सिर पर मारी गई चोटों की वजह से होने की पुष्टि हुई। लक्ष्मी जींस पहने थी। उसके कपड़े पूरी तरह व्यवस्थित थे।
एसपी उत्तरी ने थाने में जमाया डेरा, मोनू हिरासत में
घटना के बाद एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने थाने पर ही कैंप कर लिया है। उन्होंने पुलिस के साथ एसओजी व सर्विलांस टीम को भी घटना की पड़ताल में लगाया। सूत्रों के मुताबिक शाम को मोनू गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया जिसने कुछ चौंकाने वाली जानकारियां दी हैं। एसपी उत्तरी ने बताया कि हत्या की सही वजह जानने के लिए धरपकड़ और पूछताछ की जा रही है, जल्दी ही सच्चाई सामने आ जाएगी। असली आरोपी जेल भेजे जाएंगे। संवाद