कोरोना की तरह है एच3एन2 के प्रसार की क्षमता
डॉ. गोयल के मुताबिक कोरोना पैनडेमिक रहा, मगर एच3एन2 एपिडेमिक है। सही समय पर सही इलाज से मरीज स्वस्थ हो जाते हैं, मगर इसकी प्रसार क्षमता कोरोना की दूसरी लहर जैसी ही है। परिवार की सुरक्षा के लिए जांच और इलाज बेहद जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, वे विशेष सावधानी बरतें।
बरेली में जांच की सुविधा नहीं
स्वास्थ्य विभाग एच3एन2 संक्रमित मरीजों की आरटपीसीआर जांच कराएगा, मगर यहां इसकी जांच के लिए संबंधित रीजेंट और उपकरण नहीं हैं। लिहाजा, संदिग्ध मरीज के सैंपल लेकर उसे लखनऊ, आगरा की लैब में भेजा जाएगा। हालांकि, इसकी दवा ‘आसेटामिवीर’ विभाग के पास भरपूर है।
कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पूछताछ शुरू
अब कोरोना की बूस्टर डोज लगवाने के लिए लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी है। वैक्सीन उपलब्ध न होने से वे परेशान हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक 31 जनवरी को ही वैक्सीन खत्म हो गई थी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास एच3एन2 इन्फ्लुएंजा वैक्सीन भी नहीं है। निजी केंद्रों पर ही वैक्सीन लगाई जा रही है।
बचाव के उपाय
- फ्लू के लक्षण होने पर दिन में चार बार भाप लें।
- संक्रमित व्यक्ति और परिवार के अन्य लोग मास्क का प्रयोग करें।
- हाथ धोते रहें, सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
- पौष्टिक आहार, फल और ताजी सब्जियों का सेवन करें।
- लक्षण महसूस होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।
- इन्फ्लुएंजा वैक्सीन लगवाने से कुछ राहत संभव है।