बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलसचिव को हटाकर उप कुलसचिव को कार्यभार देने संबंधी कुलपति के आदेश को शासन ने गैरकानूनी ठहराया है। साथ ही, कुलसचिव को दोबारा पदास्थापित करते हुए कार्यवाहक के आदेशों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
विश्वविद्यालय में नौ माह से कुलसचिव और शिक्षकों के बीच विवाद चल रहा है। मई 2023 में शिक्षकों का प्रमोशन हुआ था। आरोप हैै कि चार्ज संभालने के बाद कुलसचिव ने प्रोन्नत वेतनमान का निर्धारण नहीं किया। विगत दिनों आक्रोशित शिक्षकों ने कुलसचिव को चार घंटे तक बंधक बनाया था। धक्कमुक्की करते हुए उनकी कार पंक्चर कर दी थी। कुलपति ने हस्तक्षेप करते हुए कुलसचिव को प्रशासनिक कार्यों से विरक्त कर उप कुलसचिव सुनीता यादव को कार्यवाहक कुलसचिव बनाया। इसके बाद कार्यवाहक कुलसचिव ने शिक्षकों की लंबित फाइलों का निस्तारण कर सभी को वेतन निर्धारण पत्र सौंप दिया था।
कुलपति ने शक्तियों का किया अतिक्रमण
विशेष सचिव गिरजेश कुमार त्यागी ने कुलपति को पत्र भेजा है। इसमें कुलसचिव अजय कृष्ण यादव को पदास्थापित करने के लिए कहा गया है। कुलपति की ओर से दिए गए आदेश को उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय ( केंद्रीयित) सेवा नियमावली के तहत मिलीं शक्तियों का अतिक्रमण बताया है। कुलसचिव को उनके पद से विरक्त कर कनिष्ठतम उप कुलसचिव को कार्यभार दिए जाने को गैरकानूनी बताया है। शासन स्तर से कुलपति के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय को शासन के आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं हुई है। अधिकृत प्रति मिलने के बाद उसका पालन किया जाएगा।
-डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय