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Bareilly News: रिश्वतखोरी की गिरफ्त में सरकारी महकमे

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बरेली। सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की जड़ें काफी गहरी हैं। सैकड़ों मामले तो ऐसे होते हैं, जिनकी किसी को भनक तक नहीं लगती। बात बिगड़ने पर कुछेक मामले ही पर्दे के बाहर आते हैं। हाल के दिनों में एक-एक कर भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर हुए हैं। इससे जहां खाकी की साख पर बट्टा लग रहा है, वहीं सेहत महकमे की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। खाकी महकमे के मुखिया तो ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए हैं। वह धड़ाधड़ कार्रवाई भी कर रहे हैं। देखना यह है कि सेहत महकमा इस बार क्या करता है? कोई कार्रवाई होगी या हर बार की तरह इस बार भी मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। ब्यूरो
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धौराटांडा चौकी इंचार्ज रहे संजीव पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट
फिलहाल अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज किया गया मामला, प्रधान भी हो सकते हैं नामजद
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। धौराटांडा चौकी इंचार्ज रहे संजीव यादव पर कानूनी फंदा और कस सकता है। एसएसपी ने संजीव को निलंबित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब पुलिस ने रुपये देने वाले की ओर से अज्ञात में रिपोर्ट कराई है। विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
वार्ड नंबर सात कस्बा धौराटांडा निवासी अब्दुल खालिद की ओर से रिपोर्ट कराई गई है कि दो माह पहले उसके बेटे के खिलाफ गांव निवासी एक व्यक्ति ने घर में घुसने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत धौराटांडा चौकी प्रभारी संजीव यादव को मिली थी। संजीव ग्राम प्रधान ईसापुर तफसीर अहमद को लेकर उसके घर पहुंचे। उसे कार्रवाई की चेतावनी दी। फिर मामला निपटाने के लिए रुपये मांगे। प्रधान ने कहा कि मामला दबाने के पांच हजार रुपये लगेंगे। उन्होंने प्रधान को पांच हजार रुपये दे दिए। किसी ने चोरी से इसका वीडियो बना लिया। उन्हें नहीं पता कि वह कैसे वायरल हो गया। अब पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट लिख ली है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि वीडियो की जांच और बयान के आधार पर नामजदगी की जाएगी।
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चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ सीएचओ ने सौंपा शपथ पत्र

बहेड़ी सीएचसी प्रकरण
- चिकित्सा अधीक्षक के भी दर्ज हुए बयान, कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार

अमर उजाला ब्यूरो

बरेली। आईजीआरएस पर हुई शिकायत में कुछ सीएचओ ने हस्ताक्षर नहीं किया है और कुछ लोग बयान दर्ज कराने के दौरान भी आरोप से मुकर सकते हैं, पर जो भी शिकायत हुई है, वह सत्य है। चिकित्सा अधीक्षक बैठकों में धमकाते और अभद्रता करते हैं।
यह आरोप बहेड़ी सीएचसी से संबद्ध कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) ने जांच अधिकारी को सौंपे शपथ पत्र में लगाए हैं। कहा है कि चिकित्सा अधीक्षक पात्र सीएचओ से भी परफार्मेंस बेस्ड ग्रांट के एवज में रुपये मांगते हैं। मना करने पर छह माह का पीबीआई रोक लिया। बीते दिनों सीएचओ से लिए 18,500 रुपये में से दो-दो हजार रुपये यह कहकर लौटाए थे कि यह तुम्हारा पैसा है। साथ ही, यह भी कहा है कि अधीक्षक द्वारा मानसिक उत्पीड़न असहनीय होने पर कार्रवाई की मांग की गई है। सीएमओ से उचित कार्रवाई की मांग की है।

इस शपथ पत्र पर सीएचसी से संबद्ध 37 सीएचओ में से 12 ने हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी ओर, चिकित्सा अधीक्षक के भी बयान दर्ज हुए हैं। बताते हैं कि उन्होंने षड्यंत्र की आशंका जताई है। साथ ही, आरोपों को निराधार बताया है। मामला विभाग में चर्चा का विषय बना रहा।
चिकित्सा अधीक्षक और सीएचओ के बयान दर्ज हो चुके हैं, पर जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। रिपोर्ट में अगर आरोपों की पुष्टि हुई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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रिछा सीएचसी के चिकित्साधिकारी और बीपीएम पर वसूली के आरोप

- आशा कार्यकर्ताओं ने सीएचसी परिसर में चिकित्साधिकारी का घेराव कर किया प्रदर्शन
न्यूज एजेंसी
रिछा। बहेड़ी सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक के वायरल फोटो, स्क्रीनशॉट और ऑडियो का मामला अभी थमा भी नहीं, अब सीएचसी रिछा के चिकित्साधिकारी और बीपीएम पर वसूली के आरोप लगे हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सीएचसी परिसर में चिकित्साधिकारी का घेराव कर प्रदर्शन किया।

सोमवार को आशा कार्यकर्ता पहले समाधान दिवस में पहुंचीं। वहां शिकायत दर्ज कराकर प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद वे सीएचसी पहुंचीं और चिकित्साधिकारी का घेराव किया। आरोप है कि एक बीपीएम ने उनसे बदसलूकी की। आशा संघ की ब्लाॅक अध्यक्ष कुमारी देवेश का आरोप है कि सीएचसी रिछा से संबद्ध आशा कार्यकर्ताओं का शोषण किया जा रहा है। मानदेय में से कटौती की जाती है। रुपये न मिलने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों से भी दो हजार रुपये तक वसूली होती है। वहीं, चिकित्साधिकारी डॉ. शुएब ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि सभी आशा का भुगतान हो रहा है। बीपीएम पर लगे आरोपों की जांच कराने की बात कही है।
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आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की जानकारी मिली है। आरोपों की जांच कराएंगे। पुष्टि हुई तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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