महिला चिकित्साधिकारी डॉ. उज्जमा अख्तर ने जब युवती का मेडिकल परीक्षण करना शुरू किया तो युवती ने परीक्षण कराने से मना कर दिया। कहा, वह किसी के साथ भाग कर नहीं गई थी। किसी ने उसे स्पर्श तक नहीं किया है। अपनी मर्जी से घूमने गई थी तो मेडिकल परीक्षण किस बात का। युवती ने महिला चिकित्साधिकारी को लिखकर दे दिया कि वह मेडिकल परीक्षण नहीं कराएगी। इसके बाद बिलसंडा पुलिस उसे वापस ले गई।