बरेली में शोहदों के हौसले बुलंद हैं। घर से कपड़े लेने दर्जी के पास जा रही युवती को गांव के ही एक युवक ने प्रसाद में नशीली चीज मिलाकर खिला दिया। युवती के बेहोश होने पर गन्ने के खेत में ले गया। गन्ने के खेत में दोस्त के साथ दो दिनों तक दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला जिले के भुता थाना क्षेत्र का है जहां युवकों ने प्रसाद के बहाने नशा खिलाकर बेहोश कर दिया और फिर दो दिन तक गन्ने के खेत में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। पीड़ित युवती के पिता के मुताबिक 18 सितंबर को सुबह 11 बजे उनकी बेटी कपड़े लेने दर्जी की दुकान पर जा रही थी। तभी रास्ते में गांव के ही जाबिर ने उसे प्रसाद बताकर कोई नशीली चीज खिला दी। बेहोश होने के बाद वह उसे गन्ने के खेत में ले गया जहां जाबिर और उसके साथी रिंकू लाला ने तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। दोनों युवती को दो दिन तक खेत में ही बंधक बनाए रहे और दुष्कर्म करते रहे।
दो दिन बाद 21 सितंबर की रात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी पीड़िता को उसकी बुआ के घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता के पिता ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ एक निजी अस्पताल में बेटे का इलाज करा रहे हैं। उनकी बहन जब लड़की को लेकर अस्पताल पहुंची तब उन्हें घटना की जानकारी हुई। साथ ही उन्होने बताया कि शाम को उनकी बेटी और दामाद जब अस्पताल से घर लौट रहे थे तो आरोपी जाबिर और रिंकू ने उन्हें गांव की पुलिया के पास तमंचा दिखाकर रोक लिया। गोली मारने की धमकी देते हुए उनकी बेटी का वीडियो बनाया। जिसमें उससे कहलवाया कि वह अपनी मर्जी से बुआ के घर गई थी।
समझौते का दबाव बनाती रही भुता पुलिस
घटना की जानकारी होने पर पिता बेटी को लेकर भुता थाने पहुंचा और तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन ही आरोपियों से समझौता करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने जबरन पीड़िता के पिता के सादे कागज पर अंगूठा भी लगवा लिया। भुता पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उन्होंने एडीजी और एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। इसके बाद अफसरों ने भुता पुलिस को फटकार लगाई तब कहीं जाकर एससी-एसटी एक्ट के तहत सामूहिक दुष्कर्म, लूट की रिपोर्ट दर्ज हुई
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। गांव जाकर गहनता से जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरव सिंह, सीओ, फरीदपुर