बरेली। भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार शाम को कहा कि शहर के हालिया बवाल और अतीत की घटनाओं का रिकाॅर्ड खंगालते हुए किसी राष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि यह भी उजागर हो कि बवाल किसकी शह पर हुआ? जिस शख्श को बवाल का मास्टर माइंड मानकर गिरफ्तार किया गया, उसके पीछे कौन है? किसकी शह थी? यह भी साफ होना चाहिए। अगर 2010 के दंगे के बाद उस शख्स पर कार्रवाई हुई होती तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक 2010 के दंगे में सात मामले दर्ज हुए। इसके बाद इसी शख्स पर एक मामला कोतवाली और एक संभल में दर्ज हुआ। अदालत ने भी उसे दोषी मानते हुए फैसला दिया था, लेकिन वह कौन सी ताकत थी, जिसकी वजह से इन पर कार्रवाई नहीं हुई? जबकि, ये आरोपी धर्म की आड़ में लोगों को भड़काते रहे। ब्यूरो