किसानों को परेशान कर रहीं बैंक
किसान सम्मान निधि न मिलने की एक वजह जिले की बैंक भी हैं। केवल आधार कार्ड लिंक करने के लिए किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्हें कई-कई दिन तक बैंक के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। इससे भी ई केवाईसी कराने में देरी हो रही है। इस तरह की अब तक कई शिकायतें आ चुकी हैं। इसके अलावा भी किसानों के सामने कई समस्याएं आ रहीं हैं। कई किसानों की जमीन ऑनलाइन अपडेट नहीं है। इससे भी उनकी किसान सम्मान निधि रुकी हुई है।
आठ हजार किसान मिले अपात्र, अधिकांश मृत
जिले में पिछले एक माह से किसान सम्मान निधि का सत्यापन चल रहा है। इस दौरान करीब आठ हजार किसान अपात्र पाए गए हैं। उनमें अधिकतर अपात्र किसान मृत पाए गए हैं। इससे उनका नाम सूची से हटा दिया गया है।
ऐसे कराएं ईकेवाईसी
जिले के किसान अपनी ईकेवाईसी किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। इसके अलावा अधिकारिक वेबसाइट पीएमकिसान डॉट जीओवी डॉट (
pmkisan.gov.com) पर जाना होगा। इसके पेज परफॉर्मर सेक्शन में ई केवाईसी का ऑप्शन है। उस पर ई केवाईसी क्लिक करना होगा और फिर अपना आधार नंबर लिखना है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया करने के बाद के वाईसी हो जाएगी।
अफसर नहीं देते समस्याओं पर ध्यान
बाबई भटपुरा के किसान रामलखन ने कहा कि शुरुआत में हमारी छह किस्त आ थीं, लेकिन इसके बाद कोई किस्त नहीं आई। कई बार कृषि कार्यालय भी गए और बैंक के चक्कर भी लगाए लेकिन कुछ पता नहीं चला। अधिकारी चक्कर लगवाते हैं, लेकिन किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता।
कुलचौरा के महेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी पांच किस्तें आने के बाद कोई किस्त नहीं आई। बाद में सम्मान निधि नहीं आई तो हम कृषि कार्यालय भी गए थे। जनसेवा केंद्र भी गए थे लेकिन किस्त का पता नहीं चला। कोई कहता है बैंक जाओ तो कोई कहीं भेजता है। काम नहीं करते, परेशान ज्यादा करते हैं।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि जिन किसानों की सम्मान निधि रुकी हुई है, वे अपनी ई केवाईसी कराएं या फिर बैंक जाकर अपना खाता चेक करें कि उनका आधार लिंक है या नहीं। योजना का लाभ नए किसानों को नहीं मिलेगा। जिनके नाम पहले सूची में जा चुके हैं या फिर वारिसान के तौर पर किसानों को इसका लाभ मिलेगा।