बरेली। लोगों के पैदल चलने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाए गए फुटपाथ अतिक्रमण की गिरफ्त में हैं। कहीं फुटपाथ पर गैराज चल रहे हैं तो कहीं दुकानें सज रही हैं। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। रोज शहर के विभिन्न इलाकों के जाम लग रहा है। अतिक्रमण हटाने की बात करने पर नगर निगम व पुलिस विभाग के अफसर एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते रहते हैं।
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अय्यूब खां चौराहे से चौपुला तक मिस्त्रियों का कब्जा
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अय्यूब खां चौराहे से चौपुला तक शहर का मुख्य बाजार है। इस सड़क से सैकड़ों महिलाएं और स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। उन्हें पैदल चलने के लिए फुटपाथ नहीं मिलता। इस्लामिया इंटर कॉलेज की ओर से आने के बाद मुख्य सड़क की बायीं पटरी पर ऑटो पार्ट्स की दुकानें हैं। इन दुकानों के बाहर फुटपाथ पर पूरी तरह से मिस्त्रियों का कब्जा है। यहां 40-50 बाइकें हमेशा खड़ी रहती हैं। दिनभर मिस्त्री फुटपाथ पर काम करते रहते हैं, लिहाजा आप पैदल निकल ही नहीं सकते। थोड़ा और आगे बढ़ने पर शोरूम हैं। इन लोगों ने यहां स्टैंड बना लिया है। इसके आगे फुटपाथ पर इलेक्ट्रीशियन के खोखे हैं। पूरे फुटपाथ पर कब्जा है।
श्यामगंज से सेटेलाइट के बीच भी यही हाल
श्यामगंज से लेकर सेटेलाइट तक सपा सरकार में सड़क के किनारे साइकिल ट्रैक बनाया गया था। भाजपा की सरकार आई तो यहां फुटपाथ बना दिया गया। न तो यहां साइकिल ट्रक चल पाया न ही फुटपाथ कामयाब हो सका। सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ पर कब्जा है। कहीं टेंट लगाकर दुकानें सजा ली गई हैं तो कहीं खोखे व फड़ रख लिए गए हैं। दिन-रात पुलिस यहां से गुजरती रहती है पर यह अतिक्रमण किसी को नहीं दिखता।
मालगोदाम रोड पर भी कब्जा
दो साल पहले जंक्शन से मालगोदाम रोड के किनारे भी फुटपाथ बनाया गया था जो कब्जे का शिकार होकर रह गया है। जगह-जगह खोखे लगा लिए गए हैं। कबाब सेंटर से लेकर सब्जी के खोखे, ठेले, होटल आदि खुल गए हैं। यहां भी पैदल नहीं निकल सकते। दो साल पहले नगर निगम ने यहां जंक्शन की तरफ से सुभाषनगर पुलिया तक अतिक्रमण हटाकर फुटपाथ को साफ कराया था, लेकिन यहां फिर कब्जा हो गया।
जवाहर मार्केट में रोज लग रहा जाम
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हिंद टॉकीज के पीछे जवाहर मार्केट में सड़क के दोनों तरफ मिस्त्रियों ने अर्से से कब्जा कर रखा है। सड़क के दोनों तरफ कारें खड़ी मिल जाएंगी। यहां अतिक्रमण के कारण सड़क पर जाम लगा रहता है। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी को छोड़कर रोज यहां जाम लगता है। तमाम वीआईपी व अधिकारी इस रोड से गुजरते हैं पर फुटपाथ पर हुआ अतिक्रमण उनको नहीं दिखता।
वर्जन
शहर में कई बार अतिक्रमण हटवाया गया है। अभियान के दौरान पुलिस को भी साथ लिया जाता है ताकि उन्हें पता रहे कि कब्जा कहां से हटाया जा रहा है। संबंधित थाना प्रभारियों का काम है कि वह दोबारा अतिक्रमण न होने दें। इसको लेकर कई बार नगर निगम की तरफ से पुलिस विभाग से पत्राचार भी किया जा चुका है। - ललतेश सक्सेना, प्रभारी, अतिक्रमण हटाओ अभियान
किसी सड़क या फुटपाथ पर अतिक्रमण को चिह्नित करने और नोटिस देने की पहली जिम्मेदारी संबंधित नगर निकाय की होती है। नोटिस के बाद भी अतिक्रमण न हटने पर टीम बनाकर कार्रवाई और लगातार अतिक्रमण करने पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है। शहर में अगर किसी जगह ऐसी समस्या है तो संबंधित विभागों के अधिकारी पुलिस को साथ ले जाकर अतिक्रमण हटवा सकते हैं। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी