पूर्व विधायक की मौके पर मौजूदगी के नहीं मिले साक्ष्य, हटेगी धारा
बरेली। पीलीभीत बाइपास पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार 35 आरोपियों के खिलाफ अब गैंगस्टर लगाने की तैयारी है। मामले में पूर्व विधायक पप्पू भरतौल का नाम अब भी आरोपी के तौर पर शामिल है। हालांकि, मौके पर उनकी मौजूदगी का प्रमाण नहीं मिला है पर साजिश रचने की धारा में कार्रवाई हो सकती है।
22 जून को पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर दो गुटों में गैंगवार हुई थी। राजीव राना व आदित्य उपाध्याय गुटों के बीच सौ राउंड गोलियां चलाई गईं थीं। करीब आधा घंटा तक हाईवे प्रभावित रहा। इज्जतनगर पुलिस ने गंभीर धाराओं में दो रिपोर्ट दर्ज की थीं। साथ ही मुख्य आरोपियों समेत उनके गुर्गों को जेल भेजा था।
पुलिस अब तक कुल 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले के विवेचक धनंजय पांडेय ने इन लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। करीब 21 आरोपी अभी फरार हैं। इनमें से चार पर 25 हजार रुपये का इनाम है। इनमें होटल सिलिकन वैली के मालिक व जेसीबी मालिक शामिल है। ब्यूरो
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साजिश रचने की धारा में हो सकती है कार्रवाई
आदित्य उपाध्याय ने पूर्व विधायक पप्पू भरतौल पर भी घटना में शामिल होने और साजिश रचने के आरोप लगाए थे। इस आधार पर पूर्व विधायक को मामले में नामजद किया गया था। हालांकि, उसी वक्त पूर्व विधायक ने अपने वृंदावन जाने के फोटो व वीडियो पुलिस अधिकारियों और मीडिया को शेयर किए थे। एसएसपी ने विवेचक को निष्पक्ष विवेचना के निर्देश दिए थे। उन्होंने सीसीटीवी व सर्विलांस की जांच में पाया कि पूर्व विधायक की मौके पर मौजूदगी नहीं थी, इस लिहाज से मुख्य आरोपियों की धारा में उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, घटनाक्रम की साजिश रचने के आरोप को लेकर विवेचना अभी प्रचलित है।
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- 35 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। बाकी की तलाश की जा रही है। जिन आरोपियों पर चार्जशीट हुई है उनमें से चिह्नित आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की पुष्टि हुई तो प्रशासन के सहयोग से संपत्ति जब्त की जाएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी