आगरा के पाठक बंधु अब भी पुलिस पकड़ से बाहर
हिस्ट्रीशीटर सुरेशपाल सिंह तोमर को फंडिंग करने वाले आगरा के पाठक बंधु सुभाष पाठक और वीरेंद्र पाठक अब भी पुलिस पकड़ के बाहर हैं। हालांकि, पाइक बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका पर भी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कटरी में खूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत के बाद ही पाठक बंधुओं का नाम प्रकाश में आया था। पाठक बंधुओं की नजर भी कटरी की जमीन पर थी। ऐसे में वह जमीन पर कब्जे के लिए सुरेश पाल सिंह का साथ दे रहे थे। उसके लिए धन की फंडिंग का काम भी पाठक बंधु कर रहे थे। पाठक बंधु सत्ता पक्ष के एक नेता के करीबी हैं।
खूनी संघर्ष के बाद शुरू हुई थी कटरी में जमीनों की पैमाइश
खूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने कटरी में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त करने के लिए पैमाइश भी शुरू कराई थी। पैमाइश के दौरान यह भी सामने आया कि कई ग्रामीणों की जमीनों पर भी सुरेश पाल सिंह तोमर और परमवीर का कब्जा है। सैकड़ों बीघा सरकारी जमीनों पर भी अवैध कब्जा पाया गया था। सुरेश पाल सिंह तोमर और परमवीर सिंह के जेल जाने के बाद कई ग्रामीणों ने इनके खिलाफ जमीनों पर कब्जे भी की शिकायतें दर्ज कराई थीं। हालांकि, कटरी में जमीनों की पैमाइश का काम अभी पूरा नहीं हो सका है।