बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रह रहे खानाबदोश परिवार की 13 वर्षीय किशोरी को शोहदे कई महीनों से हवस का शिकार बना रहे थे। किशोरी के आठ माह की गर्भवती होने पर परिजनों को पता चला। करणी सेना के पदाधिकारियों संग थाने पहुंचकर किशोरी की मां ने चार अज्ञात आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने थाना क्षेत्र के गांव भीमनगर निवासी मूकबधिर आरोपी शिशुपाल को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी ने भी उसकी पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी वही है।
मध्य प्रदेश का एक परिवार 40 साल से इज्जतनगर थाना क्षेत्र में झोंपड़ी डालकर रह रहा है। किशोरी की मां ने इज्जतनगर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि उनका पति शराबी है। वह खुद भीख मांगकर परिवार का गुजारा करती हैं। महिला के मुताबिक जब वह भीख मांगने जाती थी, उस समय झोंपड़ी में बच्चे अकेले रहते थे। इसी का फायदा उठाकर भीमनगर गांव के चार लड़के खाना देने के बहाने झोंपड़ी में आते थे। वह उनकी नाबालिग बेटी को धमकाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते थे।
महिला के मुताबिक ये लड़के कई महीनों से उनकी बेटी से दुष्कर्म कर रहे थे। गर्भवती होने पर जब किशोरी की शारीरिक स्थिति में बदलाव आया तो उसकी मां को इसका पता चला। किशोरी की मां ने अकेले में उससे पूछताछ की तो उसने घटना के बारे में बताया। इस बीच करणी सेना के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह के साथ इज्जतनगर थाने पहुंचकर महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सीओ तृतीय ने लिए किशोरी के बयान
सीओ तृतीय अनीता चौहान ने इज्जतनगर थाने पहुंचकर किशोरी के बयान दर्ज किए। किशोरी ने पड़ोस के गांव भीमनगर निवासी चार लड़कों के बारे में बताया। लड़की ने बताया कि आरोपियों में से एक लड़का बोल नहीं पाता है। उसके साथ उसी ने दुष्कर्म किया है। बाकी लड़के कभी-कभार उसके साथ आते थे। किशोरी ने बताया कि वह सामने आने पर आरोपियों को पहचान लेगी।
बच्चे को जन्म देना मजबूरी, तभी बचेगी किशोरी की जान
सीओ ने महिला से पूछा कि उनको बेटी के आठ माह के गर्भ के बारे में जानकारी कैसे नहीं हुई तो वह जवाब नहीं दे सकी। महिला ने स्वीकार किया कि उसे कुछ बातों की जानकारी थी पर शिकायत करने से झिझक रही थी। करणी सेना के राहुल सिंह ने हिम्मत बंधाई तो वह शिकायत करने आ गई। सीओ ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा तो उसे 31 सप्ताह का गर्भ बताया गया। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि किशोरी की जान बचाने के लिए बच्चे को जन्म देना जरूरी है।
वर्जन
किशोरी के बयान से स्पष्ट हुआ है कि एक ही आरोपी उसके साथ काफी समय से दुष्कर्म कर रहा था। बाकी लोग उसके साथ आते-जाते रहते थे। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य की तलाश की जा रही है। - अनीता चौहान, सीओ तृतीय