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Bareilly: आईसीएल ग्रुप के मालिक आरके गोला और उसके साथी पर दर्ज मुकदमों में हो रहा था खेल, एसएसपी ने जांच बदली

Mon, 25 Dec 2023 04:10 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

आरके गोली व उसके साथी पर दर्ज मामलों की जांच कर रहे तीन दरोगा कार्रवाई में ढील कर रहे थे। अब सभी विवेचनाएं प्रेमनगर थाना प्रभारी को सौंपी गई हैं। एसएसपी ने सीओ प्रथम के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। 
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आईसीएल ग्रुप का निदेशक आरके गोला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में आईसीएल ग्रुप के मालिक आरके गोला व उसके साथी जितेंद्र गुप्ता को जेल भेजने के बाद ताबड़तोड़ 12 मामले तो दर्ज कर लिए गए, लेकिन विवेचना के नाम पर सिर्फ खेल हो रहा था। चार-चार केस की जांच कर रहे तीन दरोगा कार्रवाई में ढील डाले हुए थे। अब सभी विवेचनाएं प्रेमनगर थाना प्रभारी को सौंपी गई हैं। एसएसपी ने सीओ प्रथम के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है, जो प्राथमिकता से कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।

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रूपकिशोर गोला और उसके साथी जितेंद्र को निवेशकों ने पीटकर प्रेमनगर थाना पुलिस के हवाले किया था। उस समय पुलिस ने दोनों को जेल तो भेज दिया, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी की गई और न ही गैरजमानती वारंट या कुर्की जैसी कार्रवाई आगे बढ़ी।

ठगों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच कानूनगोयान चौकी प्रभारी सौरभ यादव, शाहबाद चौकी प्रभारी मनोज कुमार व अशरफ खां चौकी प्रभारी आनंद प्रकाश कर रहे थे। इसमें से मनोज कुमार और सौरभ यादव का हाल ही में तबादला हो गया है। कार्रवाई न होने से निवेशक निराश हैं। मामला एडीजी व एसएसपी के संज्ञान में आया तो विवेचकों की कार्यशैली देखकर सभी जांचें इंस्पेक्टर प्रेमनगर आशुतोष रघुवंशी को दे दी गईं हैं।

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एके गोला के बड़े नेता से हैं संबंध 
करीब छह महीने के अंतराल में प्रेमनगर थाना पुलिस आरके गोला के भाई और ठगी के मास्टरमाइंड एके गोला समेत उसके किसी साथी या कंपनी अधिकारी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। एके गोला अपने गुर्गों के साथ रूपकिशोर गोला के लिए हाईकोर्ट तक पैरवी में लगा रहा, लेकिन पुलिस को उसकी लोकेशन तक पता नहीं लगी। बताते हैं कि बदायूं के बड़े भाजपा नेता से गोला बंधु की नजदीकी है। सूत्र बताते हैं कि नेता के संरक्षण और पुलिस की खातिरदारी की वजह से गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।

एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आईसीएल प्रकरण में तेजी से काम कराने के लिए सीओ प्रथम के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई। इसमें प्रेमनगर थाना प्रभारी व दो दरोगा शामिल हैं। एक सप्ताह में ही अधिकतम कार्रवाई की जाएगी। इसमें गिरफ्तारी, चार्जशीट व गैर जमानती वारंट जारी कराने जैसी प्राथमिकताएं हैं। आरोपियों पर गैंगस्टर लगाकर संपत्ति जब्त करने का प्रयास भी किया जाएगा। 
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