राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में समाज कल्याण विभाग ने फरीदपुर तहसील के कई फर्जी मामले पकड़े थे। डीएम के आदेश पर इनकी जांच कराई गई और फर्जी प्रमाणपत्र सही ठहराने के लिए चार लेखपालों को दोषी पाया गया है। माना जा रहा है कि लेखपालों ने दलालों के इशारे पर यह काम किया। एसडीएम ने बताया कि नायब तहसीलदार रवींद्र प्रताप सिंह अब इस मामले में जांच करके अपनी रिपोर्ट देंगे। गौरतलब है कि जिले में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाला रैकेट सामने आया है। मीरगंज में इसका एक सदस्य पकड़े जाने के बाद फरीदपुर तहसील क्षेत्र में भी रैकेट सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। एसडीएम प्रशांत शर्मा का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। इस मामले में कार्रवाई जरूर होगी।