बरेली। बंद हो चुकी अल्पसंख्यक विवाह अनुदान योजना के आवेदकों की सूची हथियाकर साइबर ठग लोगों को कॉल कर रहे हैं। वह 20 हजार देने से पहले कागजों के सत्यापन के लिए ढाई हजार रुपये मांग रहे हैं। विभाग ने लोगों को सावधान रहने को कहा है।
फरीदपुर के भगवंतापुर निवासी फुरकान ने बताया कि उन्होंने शादी अनुदान के लिए आवेदन किया था। साइबर ठग ने व्हाट्सएप पर उनसे संपर्क कर अनुदान दिलाने के लिए 26 सौ रुपये की रसीद कटवाने की बात कही। फुरकान ने अनुदान मिलने के बाद रुपये देने को कहा तो ठग ने आधार कार्ड और अन्य प्रपत्रों की जानकारी मांगी। इसी गांव के सलामतुल्लाह और अजीज से भी ठगों ने संपर्क किया, लेकिन उन्होंने समझदारी दिखाते हुए पैसे नहीं दिए। अधिकारियों से बात की तो पता चला कि वे ठगी का शिकार होने से बच गए।
साइबर ठगों के पास थी पूरी जानकारी
ठगों ने फुरकान से बातचीत के दौरान व्हाट्सएप पर वही फाइल सेंड की जो उसने आवेदन के लिए भेजी थी। सरकारी विभाग में किए आवेदन की जानकारी साइबर ठगों तक कैसे पहुंची, यह जांच का विषय है।
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शादी अनुदान योजना का पोर्टल फिलहाल बंद हो चुका है। हमारे कार्यालय से किसी को कोई कॉल नहीं की जा रही है। शासन की सभी योजनाएं निशुल्क हैं। इसलिए किसी को कॉल पर या आमने-सामने मिलकर भी धन देने की जरूरत नहीं है। किसी के बहकावे में न आएं। - दिलीप कुमार कटियार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
ये बरतें सावधानी
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किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
ठगी की शिकायत cybercrime.gov.in पर मेल कर सकते हैं।