बरेली। मामूली विवाद और छोटी-छोटी बातों पर खफा होकर लोग जहर खा रहे हैं। जिला अस्पताल में जहर खाने के चार मामले बुधवार को आए। इनमें मीरगंज निवासी दिव्यांग युवक की मौत के बाद उसकी मां ने बेटे के ससुरालवालों पर जहर देने का आरोप लगाया। सुभाषनगर की एक कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय वैभव ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बताया गया कि घरवालों की डांट से नाराज होकर वैभव ने यह कदम उठाया।
घरेलू कलह में दंपति ने खाया जहरीला पदार्थ
फरीदपुर। नगर के मोहल्ला परा निवासी देवेंद्र (28) गजक बेचते हैं। मध्यप्रदेश में गजक बेचने के दौरान वहीं की रीना (24) से उन्होंने शादी कर ली और घर ले आए। दंपती के एक छोटा बच्चा भी है। रीना अपने सास-ससुर के साथ रहना नहीं चाहती। पति से अलग रहने की जिद पर अड़ी थी। मंगलवार को घरेलू कलह के कारण रात में दोनों पति-पत्नी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई। परिजन नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने दंपती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में करीब 15 घंटे इलाज के बाद दोनों की हालत में सुधार हो गया, दोनों को अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। बुधवार को दंपती अपने घर पहुंच गए।
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पत्नी मायके गई तो पति ने जहर खाकर जान दी
मीरगंज। थाना क्षेत्र के गांव मनकरा निवासी हरपाल की शादी सात साल पहले रामपुर के थाना मिलक क्षेत्र के गांव क्योरार से ओमप्रकाश की पुत्री रेखा से हुई थी। उसकी चार साल की बेटी भी है। एक महीना पूर्व पति पत्नी में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया तो पत्नी नाराज होकर मायके चली गई। हरपाल पत्नी को लेने कई बार ससुराल गया लेकिन वह नहीं आई। आहत होकर हरपाल ने पहले 19 जुलाई को कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। एक तहरीर थाना मीरगंज में दी थी कि अगर उसकी मौत हो जाए तो उसकी मौत के जिम्मेदार उसकी पत्नी सास, ससुर और साला होगा। तब सही समय पर इलाज मिलने से हरपाल सही हो गया। मंगलवार को उसने फिर जहर खा लिया जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां और भाइयों ने पत्नी की वजह से हरपाल की मौत की बात कही पर तहरीर नहीं दी। संवाद