शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने आगजनी के एक मुकदमे में पिता-पुत्रों समेत चार दोषियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सिंधौली क्षेत्र के गांव उमरापुर खमरिया निवासी मोतीलाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि आठ अप्रैल 2017 की रात आठ बजे वह घर पर नहीं था। उसकी पत्नी कुसमा बच्चों के साथ घर पर थी। तभी बंटवारे की रंजिश को लेकर गांव के कमलेश, तौले उसके बेटे महेश और विजयपाल एकराय होकर आ गए। उन लोगों ने उसके घर में आग लगा दी। इससे दो भैंस जल गईं। नकद रुपये और घर का सामान जल गया। वादी के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कमलेश, तौले व उनके पुत्र महेश और विजयपाल को तलब कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने कमलेश, तौले, महेश और विजयपाल को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।